November 27, 2021

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‘चीन-ताइवान संघर्ष के बीच भारत में रहना पसंद करूँगा’ – दलाई लामा

तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से जब बुधवार को एक ऑनलाइन समाचार सम्मेलन में ताइवान जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह भारत में रहना पसंद करते हैं क्योंकि ताइवान और मुख्य भूमि चीन के बीच संबंध “काफी नाज़ुक” हैं।

 

Dalai Lama/Reuters

 

उन्होंने यह भी कहा कि चीनी नेता शी जिनपिंग से मिलने की उनकी कोई विशेष योजना नहीं है।

बता दें कि ताइवान और चीन के बीच बीते कुछ महीनों से संघर्ष तेज़ हो गया है। जहाँ एक ओर चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है वहीं दूसरी ओर ताइवान ख़ुद को एक स्वतंत्र देश के रूप में स्थापित करता है।

कहा जा रहा है कि चीन ताइवान में चल रहे ब्रिटेन और जापान के सैन्य अभ्यास से बेहद नाराज़ है और इसी कारण वो द्वीप पर अपनी सैन्य कार्यवाई बढ़ा रहा है। यही नहीं कई जानकारों का ये मनना भी है कि चीन की बढ़ती सैन्य ताक़त का प्रदर्शन वो आए दिन इसीलिए कर रहा है जिससे वो अमेरिका समेत अन्य देशों को ताइवान के प्रति अपने रुख़ पर चेता सके।

इन सबके बीच बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र की ओर से ताइवान को समर्थन मिलने का आश्वासन भी दिया गया और कहा गया कि ताइवान अकेला नहीं है और उसकी मदद करना UN का दायित्व है।

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