February 28, 2021

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योगी आदित्यनाथ के बजट 2021 में महिलाओं, युवाओं के साथ गोवंश का भी रखा गया ध्यान, यहां जानिए पूरा बजट

योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को अपना पांचवा बजट पेश किया है। यूपी विधानसभा में योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट 2021 पेश करते हुए लोगों को बड़ी राहत दी है। इस बजट में उत्तर प्रदेश के हर वर्ग के व्यक्ति को लाभ मिलेगा। इस बजट के पेश करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस वार्ता की है। जिसमें उन्होंने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को धन्यवाद देते हुए देश की जनता को बधाई दी है।
प्रेस वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, राज्य सरकार द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत वर्ष 2021-22 का बजट एक लोक कल्याणकारी, विकासोन्मुख व सर्व समावेशी बजट है। यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की उत्कृष्ट लोकतांत्रिक भावना से परिपूर्ण है। यह बजट वैश्विक महामारी कोरोना के मध्य देश के सबसे बड़े राज्य को नयी आशा, नयी ऊर्जा देने के साथ ही, प्रदेश की नयी सम्भावनाओं को उड़ान देने का माध्यम बनेगा। इस बजट में हर घर को नल, बिजली, हर गांव में सड़क की व्यवस्था और उसे डिजिटल बनाने तथा हर खेत को पानी एवं हर हाथ को काम देने का संकल्प निहित है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं तथा समाज के प्रत्येक तबके का प्रतिनिधित्व करने वाला बजट है। यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की भावना के अनुरूप है। रोजगार की व्यवस्था, सभी वर्गाें के उत्थान का इरादा, वंचितों, शोषितों एवं युवाओं के सुन्दर भविष्य की रूपरेखा और प्रदेश के नवनिर्माण की संरचना इस बजट में निहित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट का आकार 05 लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का है। राज्य सरकार ने कोरोना काल में भी वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए आधारभूत संरचना के विकास के साथ ही लोक कल्याण के लिए कदम उठाये। विगत वर्ष कोविड-19 से आमजन जीवन के साथ ही अर्थव्यवस्था भी व्यापक रूप से प्रभावित हुई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार का वर्ष 2017-18 में पहला बजट किसानों को समर्पित था। वर्ष 2018-19 का दूसरा बजट औद्योगिक विकास तथा बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए था। वर्ष 2019-20 का बजट महिलाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में उनके प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन के लिए था। वर्ष 2020-21 का बजट युवाओं तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए समर्पित था। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट का केन्द्र बिन्दु प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास द्वारा प्रदेश के विभिन्न वर्गाें का ‘स्वावलम्बन से सशक्तीकरण’ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तुत बजट के माध्यम से प्रदेश में ईज ऑफ लिविंग के लिए हर घर को पानी, बिजली, हर गांव को सड़क तथा डिजिटल बनाने के साथ ही राज्य के समग्र विकास की रूपरेखा प्रारम्भ की गयी है। कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को विस्तार दिया गया है। इस योजना के तहत अब किसान के साथ-साथ उसके परिवार का कमाऊ सदस्य, बटाईदार आदि को भी सम्मिलित किया गया है। दुर्घटना से मृत्यु की स्थिति में 05 लाख रुपये बीमा की व्यवस्था की गयी है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना से कवर न होने वाले किसान परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 05 लाख रुपये के निःशुल्क चिकित्सा बीमा कवर की व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तुत बजट में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए नयी योजनाएं प्रारम्भ की गयी हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को नया आयाम दिया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आच्छादन बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तुत बजट में एक नयी योजना मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 06 माह से 05 वर्ष के चिन्हित कुपोषित बच्चों तथा एनीमिया ग्रस्त 14 वर्ष तक की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला दुग्ध उत्पादकों के स्वयं सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने के लिए महिला सामर्थ्य योजना भी प्रस्तावित की गयी है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रारम्भ की गयी है। योजना के अन्तर्गत फिजिकली और वर्चुअली निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था है। इस योजना के अन्तर्गत 18 मण्डल मुख्यालयों पर 10 लाख से अधिक युवा जुड़ चुके हैं। प्रदेश में यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अन्य राज्यों में भी प्रतियोगी परीक्षार्थियों द्वारा इसकी डिमाण्ड की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत पात्र श्रेणी के परीक्षार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव बजट में किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुल 18 मण्डल हैं। जिन मण्डलों में सैनिक स्कूल नहीं हैं, उन मण्डलों में सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी। संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को गुरुकुल पद्धति के अनुरूप निःशुल्क छात्रावास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को खेल-कूद के बेहतर अवसर सुलभ कराने के लिए ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपेन जिम के निर्माण हेतु धनराशि की व्यवस्था प्रस्तुत बजट में प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मण्डलों में राज्य विश्वविद्यालय नहीं हैं, वहां राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के 59 जनपदों में राजकीय अथवा निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित हैं। कोरोना काल खण्ड में संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए निःशुल्क राशन, भरण पोषण भत्ता उपलब्ध कराया गया। श्रमिकों के आवागमन के लिए भी सुविधा सुलभ करायी गयी। श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा सुलभ कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना करायी जा रही है। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें खेतों में काम करने वाले श्रमिकों सहित पल्लेदार, कुली आदि बड़ी संख्या में श्रमिक सम्मिलित हैं। असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना तथा चिकित्सा सुविधा सुलभ कराने के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना प्रारम्भ करने के लिए धनराशि का प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण एवं निराश्रित पशुओं की देखभाल के लिए संचालित गो आश्रय स्थलों में 05 लाख 58 हजार गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत 74,000 से अधिक गोवंश इच्छुक गोपालकों की सुपुर्दगी में दिये गये हैं। प्रस्तुत बजट में सभी न्याय पंचायतों मंे गो आश्रय स्थलों की स्थापना तथा इन्हें स्थानीय एवं स्वैच्छिक की सहभागिता से संचालित करने का प्रस्ताव किया गया है। वाराणसी के गोकुल ग्राम की तर्ज पर शहरों में भी गो संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। व्यापारियों के कल्याण के लिए संचालित मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत प्रति लाभार्थी को देय धनराशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन तथा टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ किया जाएगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी, पुणे की तर्ज पर लखनऊ में एक संस्थान बनाया जाएगा, जिससे भविष्य में कोरोना जैसे वायरस पर नियंत्रण के लिए प्रभावी प्रयास किये जा सकें। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में स्थापित किये जा रहे अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ हेतु बजट में धनराशि का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन, हर घर नल पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से बीमारियों की आशंका आधी हो जाती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस पर नियंत्रण में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत निर्मित शौचालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बुन्देलखण्ड, विन्ध्य क्षेत्र तथा आर्सेनिक, फ्लोराइड की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तुत बजट में 17,000 करोड़ रुपये की धनराशि प्राविधानित की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों का दायरा बढ़ा है। प्रदेश के 10 नगर स्मार्ट सिटी मिशन तथा 60 शहर अमृत योजना से आच्छादित हैं। शहरी क्षेत्रों में नागरिकों के जीवन में व्यापक सुधार के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग’ में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पिछले 03 वर्षाें में इस रैंकिंग में प्रदेश पूरे देश में द्वितीय स्थान पर आ गया है। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान इसके प्रबन्धन के साथ ही औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी कार्य हुआ। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश आया। जनपद गौतमबुद्धनगर में डिस्प्ले यूनिट की स्थापना हो रही है। यह संयंत्र चीन से प्रदेश में आया है। डाटा सेण्टर पार्क की स्थापना से बड़ी मात्रा में निवेश हो रहा है। फर्नीचर व हाउस होल्ड में दुनिया की प्रख्यात कम्पनी आइकिया द्वारा प्रदेश में 5500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति को निरन्तर बनाये रखने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। फॉरेन्सिक साइंस में आवश्यक विशेषज्ञता व प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और फॉरेन्सिक साइंस इंस्टीट्यूट की स्थापना की गयी है। सभी 18 रेन्ज में फॉरेन्सिक लैब स्थापित करने जा रहे हैं। हर जनपद में साइबर थाना बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम का क्षेत्र रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश के शिक्षित युवा बेरोजगारों को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित करने के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए 1,000 दिनों तक लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवस्थापना विकास के लिए निरन्तर कार्य किया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का 88 प्रतिशत, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का 50 प्रतिशत तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का लगभग 25 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे को सैद्धान्तिक मंजूरी प्राप्त हो गयी है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि प्राप्त करने हेतु बजट में धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि हर गांव को सड़क से जोड़ने तथा गांवों के डिजिटलीकरण के लिए धनराशि की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में किसी भी अन्य राज्य से अधिक कार्य किया गया है। जनपद अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा, अयोध्या के निर्माण के लिए बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। जेवर में निर्माणाधीन एयरपोर्ट में हवाई पट्टियों की संख्या 02 से बढ़ाकर 06 करने के लिए धनराशि प्रस्तावित है। यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित होगा।
सीएम योगी ने बताया कि, कुशीनगर एयरपोर्ट को केन्द्र सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित किया गया है। प्रदेश में पुलिस के लिए अवस्थापना कार्याें हेतु बजट की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रत्येक जनपद में पुलिस के लिए बनाये गये आवासों का नामकरण महान क्रान्तिकारी एवं शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि क्रान्तिकारियों व शहीदों के स्मारक स्थलों के जीर्णाेद्धार एवं सौन्दर्यीकरण के लिए बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि, प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं। प्रयागराज कुम्भ-2019 में स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था के कारण 24 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक इसमें सम्मिलित हुए। सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी, नैमिष, विन्ध्यवासिनी धाम, चित्रकूट आदि का पर्यटन विकास कराये जाने की योजना है। इसके अलावा अयोध्या को दुनिया के नये टूरिस्ट सेण्टर के रूप में विकसित किया जाएगा।
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