April 11, 2021

MotherlandPost

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महामारी के बीच बढ़ती ऑक्सीजन की किल्लत!

देश कोरोना की दूसरी लहर के चलते हर दिन नए केसों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हो रही है, लिहाज़ा एक्टिव मामले भी क़ाबू के बाहर हो गए हैं। इस बीच वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है जो देश में वायरस की इस भयानक स्थित पर नियंत्रण रखने में सहायक हो रही है। लेकिन कई राज्यों के पास पर्याप्त वैक्सीन न होने की बात भी सामने आ रही है।

महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाला राज्य है जहाँ संक्रमण आधे से ज़्यादा मामले अकेले इस राज्य में आ रहे हैं। इस बीच नासिक ज़िले की हालत भी ख़राब है और वहाँ के अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर भी ख़त्म हो रहे हैं।हालात ऐसे हो गए हैं कि वेंटिलेटर पर मरीजों के लिए भी ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से निजी अस्पताल में भर्ती मारीज़ों के परिजनों को बुलाकर दूसरी जगह शिफ़्ट करने की मांग की जा रही है, लेकिन कहीं भी ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है।
‘नासिक के सुविचार अस्पताल में 6 मरीज़ वेंटिलेटर पर हैं जिनके लिए केवल आज शाम तक का ऑक्सीजन स्टॉक मौजूद है, परिवारवालों को नहीं पता कि क्या किया जाना चाहिए।’ डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार ऑक्सिजन की व्यवस्था में जुटे हैं पर कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।बताया जा रहा है कि कई मारीज़ों के लिए आज शाम तक का ही ऑक्सिजन बचा है और डॉक्टरों ने परिजनों को उन्हें ले जाने के लिए कहा है। लेकिन परिजन उन्हें कहीं और शिफ़्ट नहीं करा पा रहे हैं।
बता दें कि नासिक में कोरोना के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवा REMDESIVIR का स्टॉक भी खत्म होने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में कोविड वैक्सीन की शॉर्टेज की बात भी कही जा रही है। बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि राज्य में बस तीन दिनों के लिए वैक्सीन का स्टॉक बचा है।
अब देखना ये होगा कि महामारी  के इस भयानक संकट में सरकार किस तरह लोगों को बुनियादी इलाज की सुविधा उपलब्ध करा पाती है।
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