October 24, 2021

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भारत में रविवार को एक महीने में किए गए सबसे कम COVID-19 टेस्ट

रविवार को भारत मे मध्य अगस्त के बाद से सबसे कम covid-19 टेस्ट किये गए, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकारों से इस आग्रह किया कि वे त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए महामारी के परीक्षण में कोताही न बरतें।

 

Reuters

 

सोमवार को जारी हुए सरकारी ऑंखड़ों के मुताबिक़ रविवार को केवल 11.8 लाख लोगों का टेस्ट किया गया जो बीते दिन यानी शनिवार को हुए 15.6 लाख से भी कम था।

ऐसा तब हुआ है जब हाल के हफ़्तों में कई राज्यों में यात्रियों के लिए अनिवार्य टेस्टिंग को अब ख़त्म कर दिया गया है क्योंकि उनका उद्देश्य है कि लोगों की सरल आवाजाही से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और उनकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

इस बीच नए COVID-19 संक्रमण एक दिन में लगभग 30 हज़ार तक पहुंच गए हैं। कहा जा रहा है कि घटते मामलों के पीछे का कारण टीकाकरण है लेकिन कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि चूँकि टेस्टिंग घटी है इसलिए कोरोना मामले भी घटे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को राज्यों से टेस्टिंग को बढ़ाने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि त्योहारों के मौसम में संक्रमण बढ़ सकता है और तीसरी लहर आ सकती है।

 

क्या है स्वास्थ्य मंत्रालय की रणनीति?

बता दें कि शनिवार को राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि “किसी भी लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है” और बताया कि स्थानीय अधिकारियों को अस्पताल के बुनियादी ढांचे, ऑक्सीजन की आपूर्ति, दवाएँ, एम्बुलेंस सेवाओं को तत्काल बढ़ाना चाहिए और महत्वपूर्ण बफ़र स्टॉक का निर्माण करना चाहिए।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, भारत की लगभग 64 फ़ीसद वयस्क आबादी को कम से कम एक COVID-19 वैक्सीन की ख़ुराक़ और 22 फ़ीसद को दो ख़ुराक़ मिली है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का लक्ष्य अगले महीने तक भारत के लगभग 94.4 करोड़ वयस्कों को कम से कम एक वैक्सीन की ख़ुराक़ देना है।
ग़ौरतलब है कि अब तक 60.4 करोड़ वयस्कों को वैक्सीन की कम से कम एक ख़ुराक़ दी जा चुकी है।

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