Wednesday, August 3, 2022

MOTHER LAND POST

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रूस के खिलाफ सयुंक्त राष्ट्र आम सभा में वोट ना करने की भारत ने बताई बड़ी वजह

by Sachin Singh Rathore
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भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को युक्रेन संकट में उपजे बड़े संकट पर मीडिया से बात की। दरअसल, भारत ने रूस के खिलाफ प्रस्ताव स्वर्ण संयुक्त राष्ट्र महासभा में वोट नहीं किया था इन सारे मुद्दों पर मीडिया को संबोधित करते हुए श्रृंगला ने कहा कि भारत के पास वह सारी वजहे हैं, जिनसे यूक्रेन संघर्ष के समाधान में अपना योगदान दें।

आगे श्रृंगला ने कहा भारत दोनों पक्षों के बीच संवाद में भरोसा रखता है, हम सभी पक्षों के संपर्क में हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्रपतियों से बात की है। विदेश मंत्री बहुत ही व्यापक स्तर पर सभी पक्षों से संवाद कर रहे हैं। हम वह देश है, जिसका हेतु सीधा क्षेत्र से जुड़ा है इस इलाके में हमारे दोस्त हैं।

भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन चाहता है 

रविवार को भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का पालन करना चाहिए। यह बात संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टी एस त्रिमूर्ति ने यूएन के आम सभा बुलाने को लेकर यूएन सुरक्षा परिषद की हुई बैठक में वोटिंग से बाहर रहने के फैसले को सही ठहराते हुए कही है।

अमेरिका और यूरोपीय देश रूस को क्षत-विक्षत करना चाहते 

दरअसल,सोमवार को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र आम सभा बुलाई गई है और इसमें रूस के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की तैयारी भी है। अमेरिका और यूरोप के देश रूस के खिलाफ प्रस्ताव पास करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के देशों को उम्मीद है कि 193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र आम सभा में बड़े बहुमत से रूस के खिलाफ प्रस्ताव पास होगा। कहा जा रहा है कि यूएनसीए में रूस के खिलाफ प्रस्ताव 8789 पढ़ 80 से ज्यादा देश पहले से ही सहमत है, बाकियों को अमेरिका फोन कॉल के जरिए सहमत कराने में लगा है। यूक्रेन संकट से जो वैश्विक परिस्थिति बन रही है वह भारत के लिए संकट और दुविधा की तरह है। ऐतिहासिक रूप से भारत युक्रेन के मामले में रूस के साथ रहा है। लेकिन अब स्थिति 2014 के बाद अलग है ।

रूस ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर अपने खिलाफ प्रस्ताव को रोका 

पिछले हफ्ते शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने वीटो कर अपने खिलाफ प्रस्ताव पास होने से रोक दिया था। प्रस्ताव में रूस की निंदा की गई थी और यूक्रेन से बिना शर्त सैनिकों को वापस बुलाने के लिए कहा गया था। रविवार को एक बार फिर भारत,यूएई, चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन पर रूसी हमले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की आम सभा बुलाने के लिए हुई वोटिंग से बाहर रहे। भारत और यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं।

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