November 27, 2021

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भारत ने जताई चीन की ‘भूमि सीमा क़ानून’ पर आपत्ति

भारत ने हाल ही में चीन द्वारा पारित “भूमि सीमा क़ानून”(Land boundary law) पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उसे उम्मीद है कि बीजिंग इस क़ानून के बहाने कार्रवाई करने से बच जाएगा जो भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में एकतरफ़ा स्थिति को बदल सकता है।

 

 

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सवालों के जवाब में कहा, “क़ानून लाने का चीन का एकतरफ़ा फैसला, जिसका सीमा प्रबंधन के साथ-साथ सीमा पर हमारी मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है, हमारे लिए चिंता का विषय है।”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बीजिंग के इस तरह के एकतरफ़ा क़दम का उन व्यवस्थाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा जो भारत और चीन पहले ही कर चुके हैं, चाहे वह सीमा का सवाल हो या भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में LAC पर शांति बनाए रखने का सवाल।

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, इस नए क़ानून का पारित होना हमारे विचार में तथाकथित चीन-पाकिस्तान को कोई वैधता प्रदान नहीं करता है।”

भारतीय प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत और चीन ने अभी भी सीमा पर चल रहे तनाव का समाधान नहीं किया है। उन्होंने ये भी बताया कि दोनों पक्षों ने समान स्तर पर परामर्श के माध्यम से सीमा विवाद का एक निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान प्राप्त करने पर सहमति व्यक्त की है।

उन्होंने कहा, “हमने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए कई द्विपक्षीय समझौते, प्रोटोकॉल और व्यवस्थाएं भी पूरी की हैं।”

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