October 24, 2021

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वेंकैया नायडू के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर चीन की टिप्पणी का विदेश मंत्रालय दिया दो टूक जवाब

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की अरुणाचल प्रदेश की हालिया यात्रा पर चीन की आपत्तियों की कड़ी आलोचना की।

 

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चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता ज़ाओ लिजियान ने कहा, “चीन अवैध रुप से गठित तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता और भारत के उप राष्ट्रपति वैंकेया नायुडू के उस क्षेत्र में दौरे का मज़बूती से विरोध करता है।”

इस बयान की आलोचना करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “हमने चीन के आधिकारिक प्रवक्ता की आज की गई टिप्पणियों को देखा है। हम ऐसी टिप्पणियों को अस्वीकार करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। जैसे वे भारत के किसी अन्य राज्य की यात्रा करते हैं, वैसे ही भारतीय नेता नियमित रूप से अरुणाचल प्रदेश राज्य की यात्रा करते हैं। भारतीय नेताओं की भारत के एक राज्य की यात्रा पर आपत्ति करना, भारतीय लोगों के तर्क और समझ से परे है।”

 

‘चीन के कारण उपजा है सीमा विवाद’

यही नहीं, चीनी प्रवक्ता लीजियान ने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा सीमा विवाद को और जटिल होने से बचाना चाहिए ताकि दोनों देशों के बीच के संबंध सुधर सकें। लीजियान ने आगे कहा कि भारत को चीन की चिंताओं का सम्मान करना चाहिए और क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

 

MEA

 

इसपर भारत ने चीन को जावाब देते हुए कहा, “जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, भारत-चीन की पश्चिमी सरहद पर मौजूदा हालात, चीन द्वारा द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के एकतरफ़ा प्रयासों के कारण हुई है।”

हालांकि भारत ने उम्मीद जताई कि चीन आपसी संबंधों में ‘असंबंधित मुद्दों को जोड़ने की कोशिश करने के बजाय द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ बाक़ी मुद्दों के तुरंत समाधान की दिशा में काम करेगा।’

बता दें कि हाल के दिनों में भारत और चीन सीमा विवाद सुलझाने के लिए 13 बार आधिकारिक मुलाक़ात कर चुके हैं।

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