September 26, 2021

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‘भारत-रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है’ – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और रूस के बीच दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है और हाल ही में ‘कोविड -19 महामारी के दौरान हमारे मज़बूत सहयोग, जिसमें टीकों के क्षेत्र में भी शामिल है’ में देखा गया था।

 

Reuters

 

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि ऊर्जा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक और प्रमुख स्तंभ है। व्लादिवोस्तोक में छठे पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) शिखर सम्मेलन के दौरान अपने आभासी संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता लाने में मदद कर सकती है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “भारतीय इतिहास और सभ्यता में ‘संगम’ शब्द का एक विशेष अर्थ है। इसका अर्थ है संगम, या नदियों, लोगों या विचारों का एक साथ आना। मेरे विचार में, व्लादिवोस्तोक वास्तव में यूरेशिया और प्रशांत का संगम है।”

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस दौरान मौजूद थे। 2019 के ईईएफ़ में मोदी मुख्य अतिथि थे और उन्होंने अपनी उस यात्रा का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘2019 में, जब मैं फ़ोरम में शामिल होने के लिए व्लादिवोस्तोक गया था, तब मैंने एक्ट फ़ार ईस्ट पॉलिसी में भारत की प्रतिबद्धता की घोषणा की थी।’

पीएम मोदी ने रूस के सुदूर पूर्व के 11 क्षेत्रों के राज्यपालों को जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा, ‘भारत में एक प्रतिभाशाली और समर्पित कार्यबल है, जबकि फ़ार ईस्ट संसाधनों में समृद्ध है। इसलिए, रूसी फ़ार ईस्ट के विकास में योगदान करने के लिए भारतीय प्रतिभाओं के लिए यह ज़बरदस्त मौका है।

बता दें कि फ़िलहाल तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी पूर्वी आर्थिक मंच शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस में हैं क्योंकि भारत रूस के खनिज समृद्ध क्षेत्र के साथ अपने सहयोग को मज़बूत करना चाहता है।

पुरी अपनी इस पांच दिवसीय यात्रा के दौरान उस क्षेत्र में भारतीय और रूसी कंपनियों के बीच सहयोग पर चर्चा करने के लिए रूसी ऊर्जा मंत्री निकोले शुलगिनोव और फ़ार ईस्ट और आर्कटिक के विकास के लिए रूसी मंत्री एलेक्सी चेकुनकोव से मुलाक़ात करेंगे।

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