April 11, 2021

MotherlandPost

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आज से 10 साल पहले धोनी की कप्तानी में जीता था भारत ने वर्ल्ड कप।

2 अप्रैल 2011, क्रिकेट इतिहास में वो सुनहरा पल जब भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार विश्व कप अपने नाम किया था। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर 18 साल बाद वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। भारत ने 1983 में कपिल देव के नेतृत्व में पहली बार विश्व कप जीता था।

फाइनल के कुछ यादगार पल

फाइनल का सबसे खुबसूरत पल हमेशा दर्शकों के ज़हन में आज भी है जब महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का जड़कर भारत की जीत सुनिश्चित की थी। मैच का अहम पल वो था जब महेंद्र सिंह धोनी युवराज सिंह की जगह उतरे और गौतम गंभीर के साथ शानदार साझेदारी कर भारत को जीत के करीब पहुंचाया था।
युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि धोनी और गैरी कस्टर्न एक दूसरे पर बहुत भरोसा करते है और उन्हीं की राय पर उन्होंने खुद को प्रमोट किया था।
युवराज सिंह के ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, उन्होंने विश्व कप में 362 रन के साथ साथ अहम 15 विकेट भी लिए थे। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 4 बार मैन ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट मिला।

शुरुआती झटकों के बाद, धोनी-गंभीर ने टीम को संभाला

वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के सस्ते में आउट होने के बाद टीम संकट में थी तब विराट ने गंभीर के साथ साझेदारी की लेकिन असल में गंभीर और धोनी की साझेदारी ने भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। गौतम गंभीर ने 97 रन की तो वहीं धोनी ने नाबाद 91 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 

श्रीलंका ने बनाया चुनौतीपूर्ण स्कोर

2 अप्रैल 2011 को श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 274 रन बनाए थे जिसमें महेला जयवर्धने ने शानदार शतक बनाते हुए 103 की बेहतरीन पारी खेली थी, जवाब में भारत ने 4 विकेट खोकर 48.2 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया था।
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