May 14, 2021

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भारत में वैक्सीन की कमीं पर उठते सवाल

कोरोना वायरस में भारत की दूसरी लहर ने जो हलचल मचाई है वह अब काबू में आती नहीं दिख रही है। जहाँ एक हफ़्ते से संक्रमण के मामले एक लाख को पर कर रहे हैं वहीं सरकार के पास अब ये भी चुनौती है कि स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त कैसे रखा जाए।

इस बीच लोगों की एक ही उम्मीद है, वैक्सीन।

भारत में टिकाकरण अभियान 2021 की शुरुआत से ही जारी है। सरकार के दावों के बीच कई राज्यों से वैक्सीन की कमीं की ख़बरें आ रही हैं।
ऐसे कई राज्य हैं जिन्होंने वैक्सीन की कमीं को लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है लेकिन केन्द्र सरकार ऐसी किसी भी कमीं से इनकार करती नज़र आ रही है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाक़ई वैक्सीन की कमीं है?

राज्य सरकारों की अपील

महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा ने वैक्सीन की आपूर्ति न होने की शिकायत की है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को एक पत्र लिखा और कहा कि राज्य में केवल दो दिन की ही वैक्सीन की डोज़ बची है और इसके चलते 700 टिकाकरण केंद्र बंद करने पड़े हैं।
इसके साथ ही नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से अगले 10 दिनों के लिए वैक्सीन की कम से कम 25 लाख ख़ुराकें भिजवाने की अपील की है।

केंद्र सरकार का पक्ष

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इसपर सरकार का पक्ष रखते हुए वैक्सीन की कमी के इन दावों को पूरी तरह नकार दिया है।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्य और नेता जन स्वास्थ्य जैसे मुद्दे के राजनीतीकरण में लगे हैं और वैक्सीन की कमी जैसी बातें कहकर बेवजह लोगों में घबराहट फैला रहे हैं।
साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों पर ‘मिसमैनेजमेंट’ का आरोप लगाया है।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इस दावे का खंडन करते हुए राजनीतिकरण का आरोप लगाया है।
उन्होंने ट्वीट कर बताया कि महाराष्ट्र में अब तक वैक्सीन की कुल 1,06,19,190 खुराकें भेजी गई हैं जिनमें से सिर्फ़ 90,53,523 ख़ुराकें लोगों को दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य को 7,43,280 वैक्सीन भेजी जानी अभी बाक़ी हैं और 23 लाख ख़ुराकें अब भी महाराष्ट्र के पास हैं।
हालाँकि इसके बाद केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को वैक्सीन की 7.3 लाख की बजाय 17 लाख ख़ुराकें भिजवाने का निर्णय लिया है।

क्या कहते हैं निर्माता?

इन सबके बीच सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने बताया है कि यूरोप और अमेरिका ने वैक्सीन बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल के निर्यात ओर रोक लगा दी है जो वैक्सीन के उत्पादन को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “यह एक ऐसी समस्या है जिससे हम पिछले कुछ समय से जूझ रहे हैं।”
वहीं दूसरी ओर, एस्ट्राज़ेनेका ने वैक्सीन सप्लाई में हो रही देरी को लेकर अपनी भारतीय सहयोगी कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया को लीगल नोटिस भी भेज दिया है।
अब यह देखना होगा कि इन सभी बातों के बीच भारत में हो रही वैक्सीन की किल्लत से सरकार कैसे उबरती है।
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