November 27, 2021

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पंजाब सरकार में एजी के विरोध का सिद्धू इफ़ेक्ट, क्या मुख्यमंत्री चन्नी स्वीकार करेंगे एपीएस देओल का इस्तीफ़ा?

पंजाब राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा बार-बार हमला किए जाने के बाद कैबिनेट के एजी (एडवोकेट जनरल) एपीएस देओल ने 1 नवंबर को अपना इस्तीफ़ा दे दिया जिसपर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में विचार किये जाने की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एजी का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर सकते हैं।

 

Charanjit Singh Channi/twitter

 

छह साल पहले बेअदबी की घटना और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी के समय वे राज्य पुलिस के मुखिया थे। इस बीच, चन्नी सरकार 11 नवंबर के विधानसभा सत्र से पहले सिद्धू को शांत करना चाहती है, जब वह पाउडर परचेस अग्रीमेंट (पीपीएएस) पर एक व्हाइट पेपर लाने की योजना बना रही है, इसके अलावा कृषि क़ानूनों को खारिज करने और बीएसएफ़ का अधिकार क्षेत्र के नए विस्तार को चुनौती देने के लिए एक प्रस्ताव पेश करने की योजना है।

चन्नी कैबिनेट के एजेंडे में दूसरा आइटम अनस्किलड वर्कर्स के न्यूनतम वेतन को 8,700 रुपये से बढ़ाकर 9,200 रुपये करना है जिससे विधानसभा चुनाव से पहले ब्लू-कॉलर कार्यकर्ताओं को खुश किया जा सके जो सीधे लगभग 14 लाख कर्मचारियों को फ़ायदा पहुंचाएगा।

इसके अलावा सूत्रों के अनुसार सरकार आने वाले दिनों में Dearness allowance (डीए) की दो और किश्तें जारी करने की योजना बना रही है, जिससे न्यूनतम वेतन 10,000 रुपये हो जाएगा। डीए जारी करने के लिए एक सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है। इस संबंध में एजेंडा आइटम श्रम विभाग द्वारा पेश किया जा रहा था।

 

Navjot Singh siddhu/Twitter

 

बिल्डिंग उल्लंघनों की रोकथाम करने के लिए संशोधित OTS नीति पर भी निर्णय लेने की संभावना जताई जा रही है। PUDA के साथ परामर्श के बाद, विभाग ने बिल्डिंग उल्लंघनों को नियमित करने के लिए वन-टाइम सलूशन के रूप में कंपाउंडिंग दरों में कमी का प्रस्ताव दिया है।

इस योजना को नगर पालिकाओं में पड़ने वाले घरों, कमर्शियल दुकानों और संस्थागत भवनों में गैर-शमनीय उल्लंघनों(Non-compoundable violations) का One Time Solution (ओटीएस) कहा जाएगा।

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