May 13, 2021

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कोरोना लखनऊ : क्या लखनऊ के हालात आउट ऑफ़ कण्ट्रोल ? कानून मंत्री को लिखना पड़ा पत्र !

उत्तर प्रदेश में कोरोना का विस्फोट जारी है, हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, सबसे बुरी स्थिति में राजधानी लखनऊ है जहां एक तरफ अस्पतालों में मरीजों की लाइन लग रही है तो दूसरी तरफ श्मशानों में मृतकों की लाइन लग रही है। इसी को देखते हुए कानून मंत्री बृजेश पाठक ने एक पत्र लिखा है।

उन्होंने लिखा है कि प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के टेस्ट बन्द कर दिये गए हैं, शहर में इस वक्त 17 हज़ार किटों की ज़रुरत है लेकिन अभी सिर्फ 10 हज़ार ही है। आई.सी.यू. की संख्या बढ़ाई जाये एवं गम्भीर रोगियों को तुरन्त भर्ती करने की सुविधा प्रदान की जाये तथा कोविड रोगियों को लगने वाले रेमडेसिविर इन्जेक्शन को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाये। राज्य के कानून मंत्री ने यह पत्र राज्य प्रमुख स्वास्थ्य सचिव को लिखा है।

उन्होंने बताया कि आज मेरी विधानसभा क्षेत्र के पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त डॉ योगेश प्रवीण की अचानक तबियत बिगड़ गयी, जिसकी सूचना मिलने पर मैने स्वयं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात की एवं उन्हे तत्काल एम्बुलेन्स तथा चिकित्सा मुहैया कराने का अनुरोध किया, किन्तु खेद का विषय है कि कई घण्टो के उपरान्त भी उन्हें एम्बुलेन्स नहीं मिल पायी एवं समय से चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने के कारण उनका निधन हो गया।

दफ्तरों में फोन ही नहीं उठता

मंत्री बृजेश पाठक ने पत्र में लिखा कि लोग फोन पर फोन कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों के ऑफिस में फ़ोन उठाया नहीं जा रहा है, ये ग़लत है। हम सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए, बेडों की संख्या बढ़ायी जाए और टेस्टिंग ज़्यादा से ज़्यादा की जाए।

बैकुंठ धाम में लगी लाइन

बीते24 घण्टे में राजधानी लखनऊ में चार हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए, कोरोना इस तरह बेक़ाबू हो गया है कि मरीज़ों के अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को बैकुंठ धाम में लाइन लगानी पड़ रही है।

 

लखनऊ के हालात दिनप्रतिदिन बिगड़ते जा रहे है अब ऐसी स्थिति का गयी है की कानून मंत्री को ही पत्र लिखना पड़ रहा है। 

 

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