September 28, 2021

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जो बाइडेन और अशरफ गनी की बातचीत लीक, शर्तों के तहत अफगानिस्तान की मदद करना चाहते थे बाइडेन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और अशरफ गनी के बीच 23 दिन पहले 14 मिनट लंबी बातचीत हुई थी जिसमें कई तथ्य खुलकर सामने आए हैं।

Credit- REUTERS

बता दें अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के जाने के बाद अब पंजशीर को छोड़कर हर जगह तालिबान का राज है। 15 अगस्त को अशरफ गनी के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद तालिबान ने तेजी से काबुल पर भी कब्जा कर लिया था।

रॉयटर्स ने इस बातचीत पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 23 जुलाई को बाइडेन ने गनी से तालिबान को रोकने का प्लान मांगा था। बाइडेन ने कहा था कि प्लान मिलने के बाद ही वे मदद भेजेंगे। इससे पहलेअमेरिका ने अफगान आर्मी के सपोर्ट में एयरस्ट्राइक्स भी की थीं।

अफगान सेना की मदद करना चाहते थे बाइडेन

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडेन चाहते थे कि अफगानिस्तान के जनरल बिस्मिल्लाह को तालिबान के खिलाफ लड़ने की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। फोन कॉल से साफ हो रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अफगानिस्तान की सेना को मदद पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे थे। हालांकि, उन्हें इस बात अंदाजा नहीं था कि अगले ही महीने तालिबान अफगानिस्तान पर पूरी तरह से कब्जा करने वाला है। साथ ही बातचीत के दौरान अशरफ गनी ने पाकिस्तान को लेकर बाइडेन को चेतावनी भी दी थी।

पाकिस्तान को लेकर चिंता जाहिर की थी

अशरफ गनी ने कहा था कि पाकिस्तान ने अपने 10 से 15 हजार लड़ाके तालिाबन को सपोर्ट करने के लिए भेजे हैं। वे अफगानिस्तान में तालिबान की तरफ से लड़ रहे हैं। इस बार तालिबान ने पूरी ताकत से हमला किया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फोन कॉल के कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपने महत्वपूर्ण बेस बंद करने शुरू कर दिए थे। रॉयटर्स ने वाइड हाउस और अशरफ गनी से इस कॉल पर उनकी राय लेनी चाही पर दोनों की तरफ से अब तक कोई बयान नहीं आया है।

बता दें 31 अगस्त की रात अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिक निकाल लिए। 11 सितंबर को ही अमेरिका ने अफगानिस्तान छोड़ने का ऐलान कर दिया था।

 

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