April 11, 2021

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एशियाई मूल के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत पर बोले जो बाइडन और कमला हैरिस

अमेरिका दुनियाँभर के लिए सम्भावनाओं का एक ऐसा स्थान है जिसकी ताक़त बराबरी की भावना पर टिकी हुई है। लेकिन बीते कुछ समय से इस देश में एशियाई मूल के लोगों के साथ हिंसा की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं। देश के अलग-अलग इलाक़ों में, विशेषकर वे इलाक़े जहाँ एशियाई लोगों का निवास है हमले हो रहे हैं। पीड़ितों का मानना है कि ये हमले इसलिए हो रहे हैं क्योंकि लोगों के भीतर ये धारणा बन गयी है कि एशियाई लोगों ने ही कोरोना वायरस को जन्म दिया है। वे मानते हैं कि वायरस से होने वाले नुक़सान की वजह यही लोग हैं।
अब जॉर्जिया में हिंसात्मत घटना घटने के बाद, इन हमलों पर राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की प्रतिक्रिया आई है। बीते शुक्रवार को दोनों ने जॉर्जिया का दौरा किया और अमेरिकी लोगों से अपील की कि वे अमन और भाईचारे की भावना हमेशा जीवित रखें और सभी के प्रति सम्मानित बर्ताव भी
उन्होंने कहा- “अमेरिका में नफ़रत की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह तुरंत रुकना चाहिए। और यह ज़िम्मेदारी हम पर है, हमसभी एक साथ मिलकर, इसे रोकेंगे।”
Photo credit- NBC News
वहीं दूसरी ओर अमेरिकी इतिहास की पहली उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा- “अमेरिका में रंगभेद वास्तविकता है, और ये हमेशा से रहा है। 
ज़ेनोफ़ोबिया वास्तविकता है और हमेशा से रहा है। लैंगिक भेदभाव भी।” आगे उन्होंने कहा- “राष्ट्रपति और मैं शांत नहीं रहेंगे। हम दर्शक नहीं बनेंगे। हम हिंसा के ख़िलाफ़ हमेशा मुखर रहेंगे, जब भी और जहाँ भी नफ़रती अपराध और भेदभाव होंगे।”
बता दें कि न केवल जॉर्जिया बल्कि अटलांटा जैसी जगहों पर भी एशियाई मूल के नागरिकों के साथ हिंसात्मत अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं, इन अपराधों का ज़्यादा शिकार चीनी लोगों को होगा पड़ रहा है क्योंकि कोरोना वायरस कथित रूप से पहली बार चीन स्थित वुहान शहर में पाया गया था।ये नफ़रत अफ़वाहों के कारण तेज़ी से फैल रही है जहाँ अलग-अलग कहानियों के बिनाह पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
अब जब अमेरिका ही नहीं विश्वभर में कोरोना के मामलों में उछाल देखा जा रहा है, लोगों का ग़ुस्सा भी बढ़ता दिख रहा है। टीकाकरण के बीच वायरस का मज़बूत होते जाना लोगों में अविश्वास और चिंता पैदा कर रहा है।
इन हालतों के बीच अब देखना ये होगा कि अमेरिका अपनी विविधता और संप्रभुता को बरक़रार रखने के लिए क्या क़दम उठाता है।
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