October 24, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

बाइडन ने कहा चीन के जिनपिंग “ताइवान समझौते” पर हो गए हैं राज़ी, क्या अब सुधरेंगे हालात?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ताइवान के बारे में बात की है और ताइपे और बीजिंग के बीच तनाव बढ़ने के बीच वे “ताइवान समझौते” का पालन करने के लिए सहमत हो गए हैं।

 

Joe Bisen and Xi Jumping/Reuters

 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, “मैंने शी के साथ ताइवान के बारे में बात की है। हम सहमत हैं… हम ताइवान समझौते का पालन करेंगे।”
“हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुझे नहीं लगता कि उन्हें समझौते का पालन करने के अलावा कुछ और करना चाहिए।”

 

किस नीति की बात कर रहे हैं बाइडन?

ऐसा लगता होता है कि बाइडेन वाशिंगटन की लंबे समय से चली आ रही ताइवान रिलेशन्स एक्ट की नीति की बात कर रहे हैं जिसके तहत वह आधिकारिक तौर पर ताइपे के बजाय बीजिंग को मान्यता देता है। इसके अंतर्गत ये साफ़ हो जाता है कि अमेरिका ताइवान के बजाय बीजिंग के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करेगा ताकि बदले में ताइवान में शांति बनी रहे।

एक ओर जहाँ यह अधिनियम संयुक्त राज्य अमेरिका को ताइवान को अपनी रक्षा के लिए साधन मुहैया कराने के लिए बाध्य करता है, वहीं वाशिंगटन केवल चीन के रुख को स्वीकार करता है और मानता है कि द्वीप उसका है। इसके साथ ही वह ताइवान की संप्रभुता पर कोई पक्ष नहीं लेता।

ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने बाइडन की टिप्पणियों के बारे में संयुक्त राज्य अमेरिका से स्पष्टीकरण मांगा था, और आश्वस्त किया गया था कि ताइवान के प्रति अमेरिकी नीति नहीं बदली है, उनके प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता “रॉक सॉलिड” थी और यू.एस. ताइवान को अपना बचाव बनाए रखने में मदद करना जारी रखेगा।

 

Xi Jinping/Reuters

 

बाइडन का ये बयान मिशिगन यात्रा के बाद आया है जिस दौरान चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।

जहाँ एक ओर चीना ताइवान को अपना हिस्सा समझता है और मानता है कि आवश्यकता पड़ने पर बल से उसपर क़ब्ज़ा कर लेना चाहिए। वहीं दूसरी ओर ताइवान ख़ुद को एक स्वतंत्र देश मानता है और चीन को तनाव का कारण मानते हुए कहता है कि वो अपने देश के लोकतंत्र और संप्रभुता की रक्षा करेगा।

 

दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में न हो संघर्ष

बता दें कि पिछले चार दिनों में ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में लगभग डेढ़ सौ चीनी फ़ाइटर जेट उड़ान भर चुके हैं।

इस बाबत संयुक्त राज्य अमेरिका ने रविवार को चीन से ताइवान के पास अपनी सैन्य गतिविधियों को रोकने का आग्रह किया। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने रविवार को एक बयान में कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ताइवान के पास पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की उत्तेजक सैन्य गतिविधि से बहुत चिंतित है, जो हालात अस्थिर कर रहा है, ग़लत अनुमान लगा रहा है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमज़ोर कर रहा है।”

बाइडेन 9 सितंबर को शी के साथ हुई 90 मिनट की कॉल का भी ज़िक्र करते हुए दिखाई दिए, जो सात महीनों में उनकी पहली वार्ता थी, जिसमें उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर चर्चा की कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच प्रतिस्पर्धा संघर्ष में न बदल जाए।

Translate »