April 11, 2021

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जॉर्डन के पूर्व क्राउन प्रिंस की नज़रबंदी से चौंकी दुनियाँ

अरब देशों में राजनीतिक स्थिरता के लिए सराहे जाने वाले देश जॉर्डन के पूर्व क्राउन प्रिंस हमज़ा बिन हुसैन के नज़रबंदी की ख़बर में विश्व को चौंका दिया है।

माना जा रहा है कि जॉर्डन जैसे देश के लिए राजनीतिक हस्तियों को नज़रबंद करना कोई नई बात नहीं है लेकिन ख़राब अर्थव्यवस्था और महामारी के संकट से जूझ रहे इस देश के सामने यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है। इससे पूर्व समाचार एजेंसी बीबीसी को अपने वक़ील के ज़रिए भेजे गए संदेश में प्रिंस हमज़ा ने अपने नज़रबंद होने की सूचना दी थी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा था कि सरकार की आलोचना करने वाले लोगों की कार्यवाही के तहत उन्हें नज़रबंद किया गया है।

अल-सलाम पैलेस में नज़रबंद प्रिंस हमज़ा

प्रिंस द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, उनके स्टाफ़ और परिजनों को राजधानी अम्मान के बाहरी इलाक़े में स्थित ‘अल-सलाम पैलेस’ में नज़रबंद किया गया है।
बीबीसी के मुताबिक़ नज़रबंद होने वाले कुल 16 लोगों में देश के पूर्व वित्त मंत्री और देश में आर्थिक सुधार में मुख्य भूमिका निभाने वाले अर्थशास्त्री वसीम अवदल्लाह और शाही परिवार के एक सदस्य शरीफ़ हसन बिन ज़ायद भी हैं।
प्रिंस हमज़ा से बातचीत के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। संवाद के साधनों पर भी रोक लगा दी गई है। इनसब पर प्रिंस हमज़ा ने कहा ”चीफ़ ऑफ स्टाफ़ ने मुझे बताया कि आप न तो बाहर जा सकते हैं और न ही किसी से बात कर सकते हैं।उनके अनुसार, ”सरकार ने आरोप लगाया है कि मैंने उसकी नीतियों की आलोचना की है या कई बैठकों में शाह का विरोध किया है।”
Credit- The Guardian

प्रिंस हमज़ा ने जो वीडियो जारी किया है उसमें वे अपनी स्थिति और सफ़ाई पर मुखर होकर कहते हैं, “शासन में टूट-फूट का ज़िम्मेदार मैं नहीं हूँ, बल्कि हमारे शासन में पिछले 15 से 20 सालों से मौजूद भ्रष्टाचार और अक्षमता इसके लिए ज़िम्मेदार है।”उन्होंने आगे कहा, ”सरकारी संस्थाओं में लोगों के कम हो रहे भरोसे के लिए भी मैं जवाबदेह नहीं हूँ”।

प्रिंस ने देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी पर देश की हालत ख़राब होने की बात भी कही है, “हालत यहाँ तक ख़राब है कि कोई भी किसी मसले पर अपनी बात कह नहीं सकता, क्योंकि ऐसा करने पर उसे परेशान किया जाता है, धमकाया जाता है या गिरफ़्तार कर लिया जाता है।”
इस पूरे मामले पर प्रिंस हमज़ा की माँ और जॉर्डन के पूर्व राजा किंग हुसैन की पत्नी ने भी गिरफ़्तार हुए लोगों का समर्थन करते हुए ट्वीट किया और कहा, “दुआ कर रही हूँ कि इस बदनामी का दाग़ जिन बेगुनाहों पर लगा है, उनके मामले में सच की जीत होगी और न्याय होगा।”

क्यों हुए नज़रबंद?

दरअसल यह पूरा मामला तख़्तापलट की साज़िश से जुड़ा है जिसकी योजना बनाने का आरोप प्रिंस हमज़ा पर लगा है और जिसके चलते वे नज़रबंद किये गए हैं।जॉर्डन के उप-प्रधानमंत्री अयमान सफ़ादी ने प्रिंस हमज़ा पर इस साज़िश के चलते लोगों को इकट्ठा करने की बात कही है।उन्होंने एक स्थानीय समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘विदेशी ताक़तों’ के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।’

सरकार दावा कर रही है कि इन साज़िशों को उसने शुरु में ही नाकाम कर दिया है। हालाँकि प्रिंस हमज़ा में इन सभी अरोपों को खारिज किया है।

कई पत्रकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह सब शाही परिवार के अंदरूनी संकट का नतीजा है। कई ये भी मानते हैं कि जॉर्डन की अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ने के कारण लोग नाराज़ थे अब कोरोना के संकट ने इस नाराज़गी को और बढ़ा दिया है। इन सभी मामलों पर प्रिंस हमज़ा मुखर रहे हैं और सरकार पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप भी लगाते रहे हैं।

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