May 14, 2021

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जानिए टिकैत का पूरा इतिहास !

केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानून के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। यह धरना भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में चल रहा है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद गाजीपुर बॉर्डर से किसानों का धरना खत्म करने के लिए अल्टीमेटम जारी किया था। जिस पर किसानों ने भी अपने सामान समेटना शुरू कर दिया था। लेकिन रात के समय राकेश टिकैत पत्रकारों से बात करते हुए रो पड़े थे। जिसके बाद गाजीपुर बॉर्डर से किसानों को हटाना मुश्किल हो गया है।

राकेश टिकैत भारत के सबसे दिग्गज किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे हैं। साल 1987 में महेंद्र सिंह टिकैत ने भारतीय किसान यूनियन की नींव रखी थी। जब से ही भारतीय किसान यूनियन देश के किसानों के हित में खड़ी हुई है। महेंद्र सिंह टिकैत के कार्यकाल में केंद्र सरकार को काफी बार उनके सामने झुकना पड़ा और भारतीय किसान यूनियन की बात माननी पड़ी है। महेंद्र सिंह टिकैत को किसानों का देवदूत माना जाता था।

महेंद्र सिंह टिकैत के सबसे बड़े बेटे नरेश टिकैत है। तीसरे नंबर पर सुरेंद्र टिकट हैं और चौथे नंबर पर नरेंद्र टिकैत हैं। महेंद्र सिंह टिकैत के चारों बेटे खेती से ही जुड़े हुए हैं। महेंद्र सिंह टिकैत की 15 मई 2011 को कैंसर के कारण मौत हो गई थी। जिसके बाद भारतीय किसान यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत को बना दिया गया है। वही राकेश टिकैत को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है।

राकेश टिकेट ने मेरठ यूनिवर्सिटी से M.A की पढ़ाई की है। उसके बाद उन्होंने एलएलबी किया है। 1985 में राकेश टिकैत की बागपत की रहने वाली सुनीता देवी से शादी हुई थी।बाद में उनकी नौकरी दिल्ली पुलिस में लग गई थी। 1990 में महेंद्र सिंह टिकैत ने लाल किले पर किसानों के लिए आंदोलन किया था। इस दौरान महेंद्र सिंह टिकैत हजारों साथियों के साथ लाल किले पर धरना प्रदर्शन दे रहे थे। पुलिस किसानों के विपक्ष में खड़ी थी। इसको देखते हुए राकेश टिकैत ने दिल्ली पुलिस से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली पुलिस में पहले राकेश टिकैत कांस्टेबल के पद पर थे। लेकिन बाद में उनका प्रमोशन हो गया और वह सब इंस्पेक्टर बन गए थे। लेकिन पिता के आंदोलन के चलते उन्होंने दिल्ली पुलिस के पद से इस्तीफा दे दिया।

राकेश टिकैत काफी बार चुनाव भी लड़े थे। लेकिन उनको कोई जीत हासिल नही हुई थी। उन्होंने सबसे पहले 2007 में मुजफ्फरनगर की खतौली सीट से चुनाव लड़ा था। उसके बाद 2014 में अमरोहा से राष्ट्रीय लोक दल ने चुनाव लड़वाया था। लेकिन दोनों बार ही वह हार गए थे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत अब तक 44 बार जेल जा चुके हैं। उन्होंने किसान आंदोलन के चलते काफी बार अपनी गिरफ्तारी दी है। राकेश टिकैत किसानों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अब फिर उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया है।

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