November 27, 2021

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हो सकती है आपको भी सजा,लग सकता है जुर्माना, जानिए ग्रेनो वेस्ट प्राधिकरण ने कौन से नियम लागू किये।

वायु प्रदूषण रोकने को ग्रेनो प्राधिकरण ने उठाये कई बड़े कदम

–अगले चार दिनों तक ग्रेनो में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर लगाया प्रतिबंध
–आरएमसी, हॉट मिक्स प्लांट व डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी लगी रोक
–ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र की तरफ से कार्यालय आदेश जारी

Greno west authority

एनसीआर व आसपास बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने अगले चार दिनों तक सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। हॉटमिक्स व आरएमसी प्लांट भी बंद करने के आदेश दिए हैं।
एनसीआर की आबोहवा बहुत प्रदूषित हो चुकी है। ग्रेटर नोएडा भी उससे अछूता नहीं है। एनसीआर में वायु प्रदूषण पर निगरानी के लिए बने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से एनसीआर के सभी शहरों को प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गये। इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर एसीईओ दीपचंद्र ने अपने अधीनस्थों के साथ बैठक की। ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण कम करने के लिए एसीईओ की तरफ से मंगलवार को कार्यालय आदेश जारी कर दिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर अगले चार दिनों के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब अगले चार दिनों तक आवासीय, कॉमर्शियल, आईटी, संस्थागत, बिल्डर प्रोजेक्ट, सड़कों की री-सर्फेसिंग, नई सड़कों का निर्माण आदि नहीं हो सकेंगे। एसीईओ ने निर्माण सामग्रियों को ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी धूल उड़ने की संभावना है, वहां एंटी स्मॉग गन चलाने को कहा है। हॉट मिक्स व आरएमसी प्लांट को भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। होटलों या ढाबों में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन आदेशों की अवहेलना करने पर एनजीटी के नियमानुसार कठोर कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रेनो में बिजली कटौती न करने को एनपीसीएल को लिखा पत्र

-ग्रेनो प्राधिकरण ने अग्निशमन से मांगे दो वाटर स्प्रिंकलर
-कूड़े को जलाने पर आवंटी के खिलाफ लगेगा जुर्माना

वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एनपीसीएल से ग्रेटर नोएडा में बिजली कटौती न करने को कहा है, ताकि डीजल जनरेटर चलाने की जरूरत न पड़े। प्राधिकरण ने कूड़ा जलाने पर लगाम लगाने के लिए अपने सभी वर्क सर्किल इंजीनियरों को फील्ड में उतार दिया हैं। कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर एसीईओ दीपचंद्र ने एनपीसीएल के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है, जिसमें कंपनी से ग्रेटर नोएडा में बिजली आपूर्ति सुचारू रखने को कहा गया है। बिजली कटौती न होने से सोसाइटियों व अन्य जगहों पर अनिवार्य सेवाओं के लिए जनरेटर चलाने की जरूरत न पड़ेगी। एसीईओ ने अग्निशमन अधिकारी को भी पत्र लिखा है, जिसमें पानी के छिड़काव के लिए दो वाटर स्प्रिंकलर मांगे हैं। एक मशीन ग्रेटर नोएडा और दूसरी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पानी के छिड़काव के लिए इस्तेमाल होगी। एसीईओ ने प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना/ उद्यान) को निर्देश दिए हैं कि ग्रेटर नोएडा में पेड़ों की छंटाई के दौरान निकलने वाले वेस्ट को एकत्रित करने के लिए उद्यान विभाग जगह तय करे। हॉर्टिकल्चर वेस्ट को वहीं पर एकत्रित कर खाद बनाया जाए। उसे किसी भी कीमत पर न जलाया जाए। एसीईओ दीपचंद्र ने कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में ही डालने और सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग के फेरे और बढ़ाने के निर्देश दिए। ये सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

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