November 27, 2021

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श्रम मंत्रालय ने बढ़ाई केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम मज़दूरी, 1 अक्टूबर से लागू होंगी नई दरें

औद्योगिक श्रमिकों के लिए औसत उपभोक्ता मूल्य(Valuable dearness allowance) सूचकांक में परिवर्तनशील महंगाई भत्ता संशोधित किया गया है जिसे सूचकांक श्रम ब्यूरो द्वारा संकलित और तैयार किया जाता है।

 

Bhupendra Yadav/twitter

 

केंद्रीय श्रम और रोज़गार मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि सरकार ने देशभर में केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले 1.5 श्रमिकों के लिए न्यूनतम मज़दूरी या परिवर्तनीय महंगाई भत्ता में संशोधन किया है। यह बढ़ोत्तरी एक अक्टूबर से लागू होगी।

बता दें कि केंद्रीय क्षेत्र में अनुसूचित रोज़गार की दरें केंद्र सरकार के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होती हैं। इनमें रेलवे प्रशासन, खदानें, तेल क्षेत्र, प्रमुख बंदरगाह या केंद्र सरकार द्वारा स्थापित कोई भी निगम शामिल हैं।

मुख्य श्रम आयुक्त डी.पी.एस. नेगी ने बताया कि केंद्र सरकार के दायरे में रोज़गार से संबंधित परिवर्तनीय महंगाई भत्ता साल में दो बार अप्रैल और अक्टूबर के पहले दिन संशोधित किया जाता है।

ये दरें संविदा और कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होती हैं। इस बाबत मंत्रालय में बताया, “ऐसे समय में जब देश COVID-19 महामारी से जूझ रहा है, एक अलग श्रेणी के लिए एक बड़ी राहत में” केंद्रीय क्षेत्र में विभिन्न अनुसूचित रोज़गार में लगे श्रमिकों, श्रम और रोज़गार मंत्रालय ने 1 अक्टूबर, 2021 से परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) की दर को अधिसूचित और संशोधित किया है।”

ग़ौरतलब है कि जनवरी से जून 2021 तक औद्योगिक श्रमिकों के लिए औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की गणना परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में नवीनतम संशोधन के आधार के रूप में की गई थी। श्रम मंत्री ने कहा कि यह क़दम प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण के अनुसार है।

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