September 26, 2021

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गंदगी फैलाने पर देना होगा 1000 रुपये तक का जुर्माना, नियमावली को योगी कैबिनेट से मंज़ूरी

उत्तरप्रदेश सरकार ने शहरों को साफ़-सुथरा रखने के लिए नई नियमावली को मंज़ूरी दे दी है। इसके नियमावली के तहत गंदगी फैलाने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

 

 

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग में उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली 2021 को मंज़ूरी दी गई है।

इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर भी जुर्माना देना होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने कचरा प्रबंधन के लिए यूजर चार्ज तय करने का अधिकार नगर निकायों पर छोड़ दिया है।

इस नियमावली का उद्देश्य निकायों में स्वच्छता रखने और ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए शुल्क व नियमावली के प्रावधानों के उल्लंघन पर जुर्माना वसूलना है।

पेश की गई इस नियमावली के तहत आवासीय परिसर, रेजीडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन और अन्य प्रतिष्ठानों को कूड़ा तीन हिस्सों जैविक, अजैविक और घरेलू में बांटकर अलग-अलग कूड़ेदान में रखना होगा।

ग़ौरतलब है कि ऐसे कार्यक्रमों में जिनमें 100 या उससे अधिक लोग शामिल होंगे, उनमें आयोजक को ही स्थान की सफ़ाई का ज़िम्मा लेना होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो क्षेत्रफल और कचरे का हिसाब लगाकर जुर्माना लिया जाएगा।

 

किसपर कितना जुर्माना?

▪️ गाड़ी से गंदगी फेंकने या थूकने पर- 350 से 1000 रुपए तक जुर्माना
▪️ सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने पर- 200 से 500 रुपये तक जुर्माना
▪️ स्कूल, अस्पताल के पास गंदगी फैलाने पर 300 से 750 रुपये तक जुर्माना
▪️ कूड़ा कचरा मिट्टी में दबाने या फिर जलाने पर 1000 से 2000 रुपये तक जुर्माना
▪️ खुले में जनवरों को शौच कराने पर- 100 से 500 रुपये तक जुर्माना
▪️ घरों का मलबा सड़क कि किराने रखने पर 1000 से 3000 रुपये तक जुर्माना
▪️ निजी नालियों, सीवर लाइनों से घरेलू 100 से 500 रुपये तक जुर्माना
▪️ नाली व सीवर में चोक करने वाला सामान डालने पर 100 से 500 रुपये तक जुर्माना

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