September 26, 2021

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महाराष्ट्र में खुलते ही क्यों बंद करने पड़ रहे हैं मॉल?

महाराष्ट्र में कोरोना मामलों के घटने के साथ ही 15 अगस्त से मिली प्रतिबंधों में राहत ज़्यादा दिन तक टिक नहीं सकी। ‘शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया’ ने राज्य में मॉल खोलने में असमर्थता जताई है।

 

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इस बाबत बयान जारी कर SCAI ने बताया है कि मॉल में काम करने वाले कर्मचारियों को वैक्सीन की दो डोज़ लगना अनिवार्य है जबकि उनके 80 फ़ीसद कमर्चारियों के टीके के दोनों डोज़ नहीं लग सकी है।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद 15 अगस्त को 5 महीने बाद एक बार फिर मुंबई के मॉल खोले गए लेकिन वह एक विफलता ही साबित हुई। दरअसल राज्य सरकार की 2 टीके लगने की अनिवार्यता से बेहद कम लोग मॉल में प्रवेश नहीं कर सका।

नतीजतन ‘शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया’ को दोबारा मॉल को बंद करने का फ़ैसला लेना पड़ा। एसोसिएशन का कहना है ‘उनके 80 फ़ीसद कर्मचारी 18 से  44 साल उम्र के हैं जो टीकाकरण नियमों की वजह से दो डोज़ नहीं लगवा पाए हैं।’

बता दें कि महाराष्ट्र में लगभग 90 मॉल और शॉपिंग सेंटर हैं। इसके अलावा एक अनुमान के अनुसार 2 लाख कर्मचारी इनमें काम करते हैं जिससे सालाना 40 से 45 हज़ार करोड़ का कारोबार होता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण सब ठप्प हो गया है।

ऐसे में SCAI ने अब एक बार फिर राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वे दो डोज़ वाले अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करें, जिससे लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी और हज़ारों करोड़ रुपये के कारोबार को बचाया जा सके।

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