देश-विदेश: “माँ, मैं यूक्रेन में हूँ। मुझे डर लग रहा है।” जब एक रूसी सैनिक ने अपनी माँ को मरने से पहले किया मैसेज

by Disha
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“माँ, मैं यूक्रेन में हूँ। मुझे डर लग रहा है,” यह शब्द एक रूसी सैनिक के हैं जिसने अपनी माँ को युद्ध के मैदान में अपनी जान गंवाने से पहले यूक्रेन में युद्ध के बारे में अपनी भयावहता को बयान करते हुए लिखा था।

 

Reuters

 

इस संदेश को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लिट्स्या ने महासभा के आपातकालीन सत्र के दौरान पढ़ा। कथित संदेश में, रूसी सैनिक से उसकी मां ने पूछा कि क्या उसके पापा उसे पार्सल भेज सकते हैं। इस पर, रूसी सैनिक ने युद्ध के बारे में अपनी भयावहता का वर्णन किया और कहा कि वह ट्रेनिंग सेशन में नहीं है। उसने कहा कि वे नागरिकों और शहरों को निशाना बना रहे हैं और उनपर बमबारी कर रहे हैं।

उस मैसेज में रूसी सैनिक ने कहा, “माँ मैं अब क्रीमिया में नहीं हूँ। मैं ट्रेनिंग सेशन में नहीं हूँ।” आगे उसने कहा, “माँ, मैं यूक्रेन में हूँ। यहाँ एक असल का युद्ध चल रहा है। मुझे डर लग रहा है। हम सभी शहरों पर एक साथ बमबारी कर रहे हैं, यहाँ तक कि नागरिकों को भी निशाना बना रहे हैं।”
आगे संदेश में सैनिक ने कहा, “हमें बताया गया था कि वे हमारा स्वागत करेंगे लेकिन वे हमारे बख्तरबंद वाहनों के नीचे गिर रहे हैं, खुद को पहियों के नीचे फेंक रहे हैं और हमें जाने नहीं दे रहे हैं। वे हमें फासीवादी कहते हैं माँ। यह बहुत कठिन है।”

UNGA में इस मैसेज को पढ़ने से पहले किस्लिट्स्या ने लोगों से यूक्रेन में “त्रासदी की भयावहता की कल्पना” करने के लिए कहा। यूक्रेन की सरकार के अनुसार, 24 फरवरी से अब तक 4,500 से ज़्यादा रूसी सैनिक युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं।

इस बीच बीते दिन यानी सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा, “जब मैं राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहा था, मैंने कहा था कि हम में से हर एक राष्ट्रपति है। क्योंकि हम सभी अपने राज्य के लिए ज़िम्मेदार हैं। हमारे सुंदर यूक्रेन के लिए। और अब ऐसा ही हो रहा है कि हम में से प्रत्येक एक योद्धा है।

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