September 26, 2021

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Morning News Headlines

1- हिमाचल में लैंड स्लाइड से 10 की मौत, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बुधवार को फिर लैंडस्लाइडिंग हुई। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर ज्यूरी रोड के निगोसारी और चौरा के बीच अचानक एक पहाड़ दरक गया। इसकी चट्टानें हिमाचल रोडवेज की एक बस, एक ट्रक, बोलेरो और 3 टैक्सियों पर गिर गईं। मलबे में 50 से ज्यादा यात्री फंस गए। बुधवार देर रात तक 15 लोगों को निकाल लिया गया था। रेस्क्यू टीम ने 10 शव भी बरामद किए। रात में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।

2- देश की इकोनॉमी ने फिर गति पकड़ी, भारतीय उद्योग परिसंघ यानी CII की दो दिन तक चलने वाली सालाना मीटिंग बुधवार को शुरू हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संबोधित किया। PM ने कहा कि हमने इतिहास की गलती को सुधारते हुए रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स खत्म किया है। इससे उद्योगों और सरकार के बीच भरोसा बढ़ेगा। PM ने कहा कि अब भारत की इकोनॉमी फिर से गति पकड़ रही है। मीटिंग में सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री हेंग स्वी कीट भी मौजूद थे।

3- फाइजर की 5 करोड़ डोज खरीदी जा सकती हैं, भारत सरकार अमेरिकी कंपनी फाइजर से 5 करोड़ वैक्सीनडोज खरीद सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यह दावा किया है।हालांकि भारत सरकार ने इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। फाइजर वैक्सीन को अभी तक भारत में इमरजेंसी अप्रूवल नहीं मिला है। कंपनी ने इसके लिए दिया अपना आवेदन भी 5 फरवरी को वापस ले लिया था। वहीं, अमेरिका में इसे इमरजेंसी अप्रूवल मिला है, लेकिन फुल अप्रूवल मिलना अभी बाकी है।

3- क्रिप्टोकरंसी की सबसे बड़ी चोरी, डिजिटल वर्ल्ड के चोरों यानी हैकर्स ने 60 करोड़ डॉलर (लगभग 4,545 करोड़ रुपए ) से ज्यादा की इथीरियम और दूसरी क्रिप्टोकरंसी चुरा ली है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी बेस्ड प्लेटफॉर्म पॉली नेटवर्क ने मंगलवार को चोरी की जानकारी एक ट्वीट के जरिए दी। इस साल क्रिप्टोकरंसी में सेंधमारी की कई घटनाएं हुई हैं, लेकिन इतनी बड़ी चोरी पहली बार हुई है।

4- डेल्टा वैरिएंट के आगे बेअसर हर्ड इम्यूनिटी, कोरोना की तीसरी लहर के लिए सबसे बड़ी वजह माना जा रहा डेल्टा वैरिएंट ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि वैक्सीनेशन के बाद बनी हर्ड इम्यूनिटी भी इस वैरिएंट को रोकने में नाकाम लग रही है। वैक्सीनेशन के बाद भी लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में संक्रमण कब तक रहेगा यह कह पाना मुश्किल है। भारत में तीसरी लहर का खतरा भी डेल्टा वैरिएंट की वजह से ही है।

Credit- WHO
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