November 27, 2021

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शनिवार को नोएडा रहा देश का सबसे प्रदूषित शहर, देखिए बाकी शहरों का हाल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नोएडा शनिवार को सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा, जबकि गुरुग्राम दूसरे नंबर पर और फरीदाबाद तीसरे नंबर पर रहा। एनसीआर के सभी प्रमुख शहर डार्क रेड जोन (अति गंभीर) स्थिति में बने हुए हैं।

 

 

बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से लोगों का जीना दूभर हो गया है। वायु प्रदूषण के “मापक ऐप” समीर के अनुसार शनिवार को नोएडा की एक्यूआई 484 रही। जबकि दिल्ली की 465, गाजियाबाद की 460, ग्रेटर नोएडा की 444, फरीदाबाद की 468, बल्लभगढ़ की 429, गुरुग्राम की 432, आगरा 405, बहादुरगढ़ 439, बल्लभगढ़ 429 भिवानी 476, बुलंदशहर 479, हापुड़ 405, मेरठ 350 एक्यूआई दर्ज की गई।

बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से लोगों का जीना दूभर हो गया है। दमा खांसी और टीवी के मरीजों की स्थिति बहुत ही नाजुक बनी हुई है। लोगों की आंखों में जलन हो रही है, छोटे-छोटे बच्चे प्रदूषण की वजह से बीमार पड़ रहे हैं। शनिवार को नोएडा 484 हवा गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि 444 एक्यूआई के साथ ग्रेटर नोएडा भी डार्क जोन में रहा। इसका एक कारण पराली जलना भी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक हवा को जहरीली बनाने में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इससे प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है।

वैसे तो वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिले में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हैं, लेकिन धरातल पर इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं पड़ रहा है। जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद जिले में पराली व कूड़ा जलाया जा रहा है। सैटेलाइट के जरिए जिला प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार दीवाली के बाद से अबतक जिले में आग लगाने की 16 घटनाएं सामने आ चुकी है, इनमें से चार घटनाएं पराली जलाने की है। पड़ोसी राज्य और जिलों में भी पराली जलने का असर शहर की आबोहवा पर पड़ रहा है।

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