पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे दिल्ली एनसीआर में डीजल जेनरेटर संचालन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है जिसके कारण उघोगों और सोसाइटी में रहने वाले लोगों पर गहरा असर पड़ रहा है। एक दिन में काफी समय तक के लिए बिजली की आपूर्ति नहीं होती है जिसके कारण सोसाइटी में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी और उघोगों में भी काफी नुकसान हो रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई के एक प्रतिनिधि मंडल ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी से मुलाकत कर समस्याओं से अवगत कराया है।

नोएडा के उद्दमियों ने अधिकारी से की मुलाकात, कहा- गुरुग्राम की तर्ज़ पर वापस लिया जाए डीजल जेनरेटर प्रतिबंध का फैसला
नोएडा के उद्दमियों ने अधिकारी से की मुलाकात, कहा- गुरुग्राम की तर्ज़ पर वापस लिया जाए डीजल जेनरेटर प्रतिबंध का फैसला

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को बताया कि लॉकडाउन के कारण उद्योगों और धंधे पहले से ही मंदी की मार झेल रहे हैं। अब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है। औद्योगिक प्रतिष्ठान खुलने लगे हैं। ऐसे में हर वर्ग को आशा है कि जल्द ही पूर्व की भांति सामान्य हो जायेगी। लेकिन डीजल जेनरेटरों के संचालन ना करने के आदेश से इस पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि नोएडा एक औद्योगिक नगरी है। विभिन्न प्रकार के औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं इकाइयां है। बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं है। बिजली की कटौती निरंतर जारी है। ऐसे में यदि डीजल जेनरेटर पर प्रतिबंध लग गया तो उत्पादन कहाँ से होगा और व्यापारी वर्ग कहाँ जाएगा। बहराल, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने समस्याओं से अवगत होते हुए उन्हें आश्वस्त किया।

उन्होंने कहा कि यूपीपीसीबी और जिला प्रशासन का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। आपकी समस्या शासन स्तर पर रखी जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने जिलाधिकारी से गुरूग्राम की तर्ज पर निर्णय वापस लेने की मांग की है जिस पर जिलाधिकारी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनका अहित किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा।