September 27, 2021

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अफ़ग़ानिस्तान मामले में सुरक्षा परिषद की आपात बैठक पर भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने

सोमवार को अफ़ग़ानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक विशेष बैठक बुलाई गई जिसे लेकर भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं।

 

Reuters

 

दरअसल पाकिस्तान भी इन बैठक का हिस्सा होना चाहता था लेकिन उसे इस बार फिर रोक दिया गया। बीते हफ़्ते भी अफ़ग़ानिस्तान पर आपात बैठक बुलाई गई थी पर उसमें भी पाकिस्तान को नहीं बुलाया गया था।

पाकिस्तान भारत को इसका ज़िम्मेदार ठहरा रहा है क्योंकि अगस्त महीने से भारत ही परिषद का अध्यक्ष है।

इस आरोप पर भारत ने फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसके पहले सोमवार को भी संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी दूत मुनीर अकरम ने आरोप लगाया कि भारत उन्हें अफ़ग़ानिस्तान पर होने वाली चर्चाओं में शामिल नहीं होने दे रहा है।

अकरम ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान की शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की एक अहम भूमिका है, मगर भारत जान-बूझकर हमें अफ़ग़ानिस्तान के बारे में नहीं बोलने दे रहा।”

 

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी दूत मुनीर अकरम/Reuters

 

अब एक बार फिर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भारत की आलोचना की है।
क़ुरैशी ने ट्वीट कर लिखा कि, “अफ़ग़ानिस्तान की नियति के इस अहम मौक़े पर भारत की पक्षपातपूर्ण और बाधा डालने वाली हरकतें और इस बहुसदस्यीय मंच का बार-बार राजनीतिकरण करना, जिसका मक़सद ही शांति लाना है, ये दिखाता है कि अफ़ग़ानिस्तान और इस क्षेत्र को लेकर उनका इरादा क्या है।”

बता दें कि सुरक्षा परिषद की इस बैठक में तालिबान से यह अपील की गई कि इस संघर्ष का अंत राजनीतिक हल निकालकर करें और अफ़ग़ानिस्तान को एक बार फिर चरमपंथियों की पनाहगाह ना बनने दे।

 

EPA

 

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में किसी की भी स्वीकार्यता और वैधता के लिए ये ज़रूरी है कि ‘वहाँ एक राजनीतिक समाधान निकले और जो कि महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का पूरी तरह से समाधान करता हो।’

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