Monday, September 26, 2022

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प्रधनमंत्री मोदी के 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ मनाने की बात पर भड़का पाकिस्तान

by Disha
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प्रधानमंत्री मोदी के 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा के बाद पाकिस्तान ने इस क़दम की तीखी आलोचना की है।

 

Credit- The Tribune Express

 

बता दें कि पाकिस्तान 14 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है। अब प्रधनमंत्री मोदी के इस ऐलान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय कार्यालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसके विरोध में कई ट्वीट किए हैं।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारतीय प्रधानमंत्री ने साल 1947 की घटनाओं के बारे में जो ट्वीट किया है, उससे यह साबित होता है कि कोई भी आधुनिक देश अपने आप से ऐसे विरोधाभास ज़ाहिर नहीं करता जैसा कि तथाकथित ‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र’।

 

 

इसके बाद एक अन्य ट्वीट करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह शर्मनाक है कि ‘हिंदुत्व’ विचारधारा को मानने वाले, नफ़रत और हिंसा को बढ़ावा देने वाले अब पाखंडपूर्ण ढंग से 1947 में आज़ादी के दौरान हुए भारी विस्थापन और त्रासदीपूर्ण घटनाओं को इतने एकतरफ़ा तरीके से उठा रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इतिहास को ग़लत तरीके से पेश करना और सांप्रदायिकता को भड़काना आरएसएस-बीजेपी शासन की दक्षता है। जख़्मों पर मरहम लगाने की बजाय वो चुनावी फ़ायदे के लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं। हमें विश्वास है कि भारत में लोगों की सद्भावना इस राजनीतिक स्टंट को ख़ारिज कर देगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

दरअसल आज ही के दिन यानी पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश के विभाजन विभीषिका का शिकार हुए लोगों की स्मृति में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा।

 

 

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था, “देश के बँटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफ़रत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।”

उन्होंने लिखा था, “यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को ख़त्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मज़बूत होंगी।”

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