September 26, 2021

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अफ़ग़ानिस्तान पर पाकिस्तान को बलि बकरा न बनाया जाए, बोले विदेश मंत्री क़ुरैशी, भारत पर भी साधा निशाना

अफ़ग़ानिस्तान में सरकार और तालिबान के बीच जारी गतिरोध में पाकिस्तान अपनी भूमिका को लेकर आत्मविश्वासी है। इस बाबत पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफ़ग़ान सुरक्षाबलों के सामने कमज़ोर पड़ने के कारणों पर विचार करना चाहिए ना कि दूसरों की नाकामियों के लिए पाकिस्तान पर उंगली उठानी चाहिए।

 

Reuters

 

सोमवार को हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा,”अफ़ग़ान सेना में लड़ने की इच्छा की कमी, और वो जिस तरह समर्पण करते जा रहे हैं, उसके लिए हमें ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।”

क़ुरैशी ने आगे कहा, “अफ़ग़ानिस्तान में नाकामी के लिए पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
दरअसल बीते शुक्रवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ये टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक के सिलसिले में की जिसमें पाकिस्तान पर तालिबान की मदद करने का आरोप लगाया गया था।

वे इस बात से भी नाराज़ दिखे कि उन्हें इस बैठक में नहीं बुलाया गया था। क़ुरैशी ने कहा,”हमने औपचारिक दर्ख़्वास्त की थी कि हमें भी मौजूद रहने दिया जाए पर इसे स्वीकार नहीं किया गया।”

क़ुरैशी ने इस बात के लिए अगस्त महीने में सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष भारत की आलोचना की। उन्होंने कहा,”हमने भारत को आगाह किया था कि वो निष्पक्ष रूप से काम करे मगर मगर दुर्भाग्य से भारत, जो कि सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनना चाहता है, उसने उस ज़िम्मेदारी के अनुरूप बर्ताव नहीं किया।”

अफ़ग़ानिस्तान में जारी परिस्थितियों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर क़ुरैशी ने कहा कि उनसे 2020 में अमेरिका और तालिबान के बीच समझौता करवाने में मदद की थी और बाद में अफ़ग़ानिस्तान में वार्ताओं में भी सहयोग किया।

लेकिन दोहा में अफ़ग़ानिस्तान और तालिबान के बीच पिछले वर्ष सितंबर से शुरू हुई वार्ता में बहुत प्रगति नहीं हुई।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इसे लेकर आगाह करते हुए कहा कि इसकी ज़िम्मेदारी भी पाकिस्तान पर नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने कहा,”अगर अफ़ग़ान वार्ता कामयाब होती है तो कामयाबी का सेहरा अफ़ग़ान नेताओं के सिर पर होगा, पर ख़ुदा-ना-ख़ास्ता अगर ये वार्ता नाकाम होती है तो नाकामी की ज़िम्मेदारी भी अफ़ग़ानिस्तान पर जाती है पाकिस्तान पर नहीं।”

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि उनके देश ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति प्रक्रिया के लिए एक ‘सकारात्मक किरदार निभाया है और निभाता रहेगा।’

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