पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए नहीं लगाने होंगे थाने के चक्कर, जानें क्या हुआ बदलाव

by Priya Pandey
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पासपोर्ट के लिए आवेदन के बाद दस्तावेज के सत्यापन के लिए आवेदक को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन बहुत मुश्किल काम होता है। इस वेरिफिकेशन के बगैर पासपोर्ट नहीं बन पाता है। पुलिस की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद ही पासपोर्ट तैयार होता है। लेकिन ऐसा कम ही होता है कि पहली बार में ही थाने में काम हो जाए। थाने के चक्कर लगाए बिना बहुत कम लोगों का पासपोर्ट बनता है। लोगों को इससे निजात देने के लिए मुंबई पुलिस ने अच्छी पहल की है।

दरसल, मुंबई पुलिस ने यह व्यवस्था शुरू की है कि अब लोग वेरिफिकेशन के लिए थाने नहीं आएंगे बल्कि थानेदार या मुलाजिम आपके घर जाएगा। इस बारे में पुलिस कमिश्नर संजय पांडेय ने बताया कि स्थानीय पुलिस थाने से आवेदक के घर एक कांस्टेबल भेजा जाएगा। कांस्टेबल आवेदक के घर जाकर वेरिफिकेशन से जुड़ा काम पूरा करेगा। अगर आवेदन से जुड़े कागजातों में कोई गड़बड़ी पाई गई, तो आवेदक को थाने में आना होगा और गड़बड़ी दुरुस्त करानी होगी।

कैसे होगा काम?

पुलिस कमिश्नर संजय पांडेय के मुताबिक, आवेदक के घर आने वाला कांस्टेबल ही पासपोर्ट वेरिफिकेशन से जुड़ा सारा काम निपटाएगा. आवेदक को कुछ करने की जरूरत नहीं होगी। वेरिफिकेशन से जुड़े कागजात और उसकी जानकारी कांस्टेबल थाने लेकर चला जाएगा। अगर उसमें कोई गड़बड़ी पाई गई तो आवेदक को थाने बुलाया जाएगा, अन्यथा वेरिफिकेशन मंजूर कर दिया जाएगा। मुंबई पुलिस की इस पहल से पासपोर्ट क्लीरेंस का काम जल्द और आसान होगा. इसमें अक्सर देरी देखी जाती है क्योंकि थाने से क्लीरेंस मिलने में विलंब होता है।

क्यों होता है पुलिस वेरिफिकेशन?

आपको बता दें की पुलिस वेरिफिकेशन में इस बात की छानबीन की जाती है कि आवेदक के खिलाफ कोई मुकदमा तो नहीं है। कहीं आवेदक किसी आपराधिक केस में शामिल तो नहीं रहा या किसी थाने में उसके खिलाफ मामला तो नहीं चल रहा। आपराधिक मामला होने पर पुलिस पासपोर्ट वेरिफिकेशन रोक सकती है जिससे कि पासपोर्ट जारी नहीं होता है।

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