रूस-यूक्रेन संकट: सुप्रीम कोर्ट में भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने संबधी याचिका दायर

by MLP DESK
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच यूक्रेन में फंसे हजारों छात्रों को वतन वापसी संबधी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. लीगल मामलों पर लिखने वाली वेबसाइट लाइव एंड लॉ के अनुसार वकील विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से यूक्रेन में फंसे बच्चों और उनके परिवारों की सुरक्षा की मांग करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की अपील की है. वकील विशाल तिवारी कर कहना है कि भारत को बच्चों और परिवारों को निकालने के लिए उचित राजनयिक कदम उठाने और मौजूदा विकल्पों की तरफ बढ़ने की बात कही है.

 

Reuters

 

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कई मसलों पर केंद्र सरकार को निर्देश देने की अपील की गई है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि “सरकार की जिम्मेदारी है कि वह भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत अपने नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा न केवल अपने देश में बल्कि विदेशों में भी करे, खासकर जब नागरिक असहाय हों और परिवहन के सभी साधन बंद हों. सरकार ने तुरंत राजनयिक कदम उठाने चाहिए.”

संगीनों के साए में कैपिटल कीव

इसके अलावा वकील ने सुप्रीम कोर्ट से यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को हेल्थ फैसिलिटी, फूड अवेबिलिटी, ठहराव घरों और अन्य आपातकालीन सुविधाएं को मुहैया कराने के लिए निर्देश जारी करने की बात कही है. वकील ने कहा है कि यूक्रेन की राजधानी कीव संगीनों के साए में है और अराजकता की स्थिति बनी हुई है ऐसे फंसे भारतीय नागरिकों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है, लोग डर के माहौल में है. उनके पास कोई उम्मीद नहीं बची हुई है और उन्हें युद्ध का डर है. ऐसे में उन्हे सरकार से ही कुछ मदद का भरोसा है और हर राज्य के कुछ ना कुछ छात्र इसमें शामिल हैं.

साथ ही कहा गया है कि एमबीबीएस कोर्स के लिए यूक्रेन गए छात्रों को ऑनलाइन माध्यम भारत में रहकर उन्हे डिग्री दी जाए जिससे उनका भविष्य खराब ना हो.

लेखक: गौरव मिश्र

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