Saturday, July 2, 2022

MOTHER LAND POST

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पोलिश वैज्ञानिकों ने बताया 27 फ़ीसद भारतीयों में मौजूद है एक जीन जिससे मौत का ख़तरा बढ़ जाता है

by Disha
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पोलिश वैज्ञानिकों ने एक ऐसे जीन की खोज की है जिसके बारे में उनका कहना है कि इससे गंभीर रूप से बीमार पड़ने या यहां तक ​​कि कोविड-19 से मरने का जोखिम दोगुना हो जाता है।

 

Reuters

 

वारसॉ, पोलैंड में स्वास्थ्य मंत्रालय को उम्मीद है कि इस खोज से उन लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी जो इस बीमारी से सबसे ज़्यादा जोखिम में हैं। ग़ौरतलब है कि यह वायरस पहले ही अकेले पोलैंड में 100,000 से अधिक लोगों को मार चुका है।

अब जून के अंत तक इस खोज के तहत कोविड -19 के लिए टेस्टिंग के दौरान जेनेटिक परीक्षणों को शामिल करने की भी योजना बनाई जा रही है।

बेलस्टॉक के मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोध का अनुमान है कि यह जीन लगभग 14 फ़ीसद पोलिश आबादी में मौजूद हो सकता है, जबकि यूरोप में लगभग 9 फ़ीसद और भारत में इसकी मौजूदगी 27 फ़ीसद आबादी में हो सकती है।

यह उम्र, वज़न और लिंग के बाद बीमारी की गंभीरता को निर्धारित करने वाला चौथा सबसे महत्वपूर्ण कारक है।

यह अध्ययन जो लगभग 1,500 पोलिश लोगों की भागीदारी के साथ किया गया है, के प्रभारी प्रोफ़ेसर मार्सिन मोनियसको ने कहा, ‘एक जेनेटिक परीक्षण उन लोगों की बेहतर पहचान करने में मदद कर सकता है, जिनके शरीर में संक्रमण के विकसित होने से पहले ही एक गंभीर बीमारी का ख़तरा हो सकता है।’

मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि इस शोध की समीक्षा सहकर्मियों द्वारा की गई है।

इस खोज से, टीकाकरण के असर के अलावा यह पता चल सकता है कि किसी भी देश में दूसरे की तुलना में कोरोना से ज़्यादा मौतें क्यों हो रही हैं।

दुनियाभर में इस महामारी से होने वाली मौतों की औसत दर 20 फ़ीसद से ऊपर है, जो यूरोस्टेट डेटा यूरोपीय संघ में सबसे ख़राब परिणामों में से एक है।