जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी को हरी झंडी मिलने के बाद यमुना प्राधिकरण में 4 चांद लग गए हैं। अब यमुना प्राधिकरण एक और चांद लगाने में लगा हुआ है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है जिसको विकसित करने में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 18 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा जिसके बाद मेडिकल डिवाइस पार्क में करीब 35 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बाद अब मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की तैयारी, यमुना प्राधिरण ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा, 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे
जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बाद अब मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की तैयारी, यमुना प्राधिरण ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा, 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे

मोदी सरकार पूरे भारत में 4 मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने जा रहा है जिससे देश मेडिकल उपकरणों में आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए केन्द्र सरकार ने भारत के सभी राज्यों से प्रस्ताव मांगा है जिसमें यमुना प्राधिकरण ने भी राज्य सरकार को यमुना प्राधिकरण इलाके में मेडिकल डिवाइस पार्क का प्रस्ताव दिया है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने खुद ही यमुना प्राधिकरण को मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए चुना है। यमुना प्रााधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है।

प्रस्ताव में यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 350 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रस्ताव के मुताबिक पार्क के विकास में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 210 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस पार्क में उद्यमियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। मेडिकल डिवाइस पार्क बनने से यहां 18 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। यहां पर 35 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।