September 24, 2021

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‘कई लोगों ने सोचा भारत में स्वतंत्रता सफल नहीं होगी’, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर देश के नाम संबोधन

भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष का उत्सव मना रहा है। राष्ट्रपति ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए और महात्मा गांधी के योगदान को याद किया।

 

 

राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें सिखाया कि छोटे कदम उठाकर, गलत दिशा की ओर बढ़ने के बजाय सही दिशा में आगे बढ़ना बेहतर है। ओलंपिक में भारत की अभूतपूर्व उपलब्धि का जश्न मनाते हुए राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन सेहमारा गौरव बढ़ाया है। हमारी बेटियों ने कई विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए खेल के मैदानों में विश्वस्तरीय उपलब्धि हासिल की है। मैं सभी माता-पिता से अपनी बेटियों की इसी तरह परवरिश करने का आग्रह करता हूँ।”

‘भारत अभी भी कोरोनावायरस महामारी से लड़ रहा है। मुझे अफ़सोस है कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान कई लोगों की जान चली गई, लेकिन हम और अधिक लोगों की जान बचाने में सक्षम हैं।’ राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य कर्मचारियों, वैक्सीन वैज्ञानिकों के योगदान को स्वीकार करते हुए लोगों से महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण कराने का भी आग्रह किया।

लाइव अर्थव्यवस्था में कोविड के प्रभाव को कम करने के लिए उठाए गए सरकार के कदमों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। “कई लोगों ने सोचा कि भारत में लोकतंत्र सफल नहीं होगा। शायद वे नहीं जानते थे कि भारत लोकतंत्र का मूल है।”

भाषण का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो पर किया जा रहा है। इसके साथ ही पहले हिंदी में और फिर अंग्रेजी में दूरदर्शन के सभी चैनलों पर यह प्रसारित हो रहा है।

ग़ौरतलब है कि कोरोनावायरस महामारी के बीच यह दूसरा स्वतंत्रता दिवस समारोह होगा। पिछले साल अपने भाषण में उन्होंने उल्लेख किया था कि कैसे अदृश्य वायरस ने मानव जाति को सिखाया कि वह प्रकृति का स्वामी नहीं है।

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