November 27, 2021

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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में प्रियंका गांधी ने लिखी प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर न्याय की माँग की है।

 

Priyanka Gandhi/twitter

 

अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस चिट्ठी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री लखनऊ आए हैं और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ उनकी एक बैठक है। मैंने इस संबंध में उन्हें एक पत्र लिखा है। आपके माध्यम से मैं उस पत्र को सभी के सामने रखना चाहती हूं।”

पत्र में लखनऊ आए प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “आपने कृषि क़ानूनों को किसानों पर थोपने के अत्याचार को स्वीकार करते हुए उन्हें वापस लेने की घोषणा की। मैंने अख़बारों में पढ़ा है कि आज आप लखनऊ में होने वाली डीजीपी कांफ्रेंस में देश की क़ानून व्यवस्था संभालने वाले आला अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।”

 

 

इस चिट्ठी में आगे प्रियंका ने लखीमपुर खीरी हिंसा का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि ‘लखीमपुर किसान नरसंहार में अन्नदाता किसानों के साथ हुए अत्याचार को पूरे देश ने देखा। आपको यह जानकारी भी है कि किसनों को अपनी गाड़ी से कुचलने का मुख्य आरोपी आपकी सरकार के केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा है। राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरुआत से ही न्याय की आवाज़ को दबाने की कोशिश की है।’

आगे प्रियंका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ख़ुद कोर्ट ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है कि – इस मामले में सरकार की मंशा देखकर लगता है कि सरकार किसी ख़ास आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है।

 

“आप देश के पीएम हैं”

प्रियंका गांधी ने इस चिट्ठी में लखीमपुर में पीड़ित परिजनों से अपनी मुलाक़ात की बात लिखी है। उन्होंने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए लिखा, “मैं लखीमपुर में पीड़ित परिवारों से मिली हूं। वे सभी असहनीय पीड़ा में हैं। सभी का कहना है कि वे सिर्फ़ अपनों के लिए न्याय चाहते हैं। और जब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अपने पद पर बने रहेंगे उन्हें न्याय की कोई आस नहीं है। लखीमपुर मामले में जांच की हालिया स्थिति उन परिवारों की आशंका को सही साबित करती है। देश की क़ानून व्यवस्था के लिए ज़िम्मेदार अमित शाह जी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हीं मंत्री के साथ मंच साझा करते हैं।”

उन्होंने आगे जोड़ा, “आप देश के पीएम हैं। आप देश के किसानों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को अच्छी तरह से समझते हैं। हर देशवासी के लिए न्याय सुनिश्चित करना सिर्फ़ कर्तव्य ही नहीं आपका नैतिक दायित्व भी है। कल देश को संबोधित करते हुए आपने कहा था कि सच्चे मन और पवित्र हृदय से किसानों के हित के लिए कृषि क़ानून को वापस लेने का फ़ैसला लिया गया। आपने कहा कि देश के किसानों के प्रति आपकी नेक नीयत है और अगर ये सच है तो लखीमपुर मामले में पीड़ितों को न्याय दिलवाना आपके लिए सर्वोपरि होना चाहिए।”

ग़ौरतलब है कि अपने पत्र में प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी की बर्ख़ास्तगी की भी मांग की है।

 

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