September 28, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात, कृषि क़ानून वापस लेने का किया आह्वान

कृषि क़ानूनों को लेकर बीते साल सितंबर से ही विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अब इसी बाबत आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात की है।

 

Ndtv

 

इस मुलाक़ात में कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री से कृषि क़ानून वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से ये भी कहा कि किसानों को मुफ़्त क़ानूनी सहायता श्रेणी में शामिल करने के लिए संबंधित क़ानून में संशोधन करना चाहिए।

आज शाम हुई दोनों नेताओं की इस भेंट में पंजाब के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को दो अलग-अलग पत्र भी सौंपे। इस पत्र में उन्होंने तीनों कृषि क़ानूनों की तत्काल समीक्षा करने और उन्हें रद्द करने का आह्वान किया। इसके साथ ही कैप्टेन ने साथ ही किसानों को उन लोगों की श्रेणियों में शामिल करने की मांग की जो मुफ़्त क़ानूनी सहायता प्राप्त करने के योग्य हैं।

इन तीनों क़ानूनों को लेकर किसानों ने एक व्यापक आंदोलन भी खड़ा किया जिसकी चर्चा दुनियाभर में हुई। इसी आंदोलन की ओर इशारा करते हुए जिसमें 400 से अधिक किसानों और श्रमिकों की जान चली गई, कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा, “विरोध में पंजाब और देश के लिए सुरक्षा खतरे पैदा करने की क्षमता थी, जिसमें पाकिस्तान समर्थित भारत विरोधी ताकतें शोषण की तलाश में थीं।”

सिंह ने आगे कहा, “… जारी आंदोलन न केवल पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित कर रहा।”

बता दें कि इस आंदोलन के दौरान किसान संगठनों और सरकार के बीच अनेकों बार बातचीत हुई पर कोई हल नहीं निकला। सरकार इन क़ानूनों को वापस न लेने की बात पर क़ायम है, लेकिन इनमें संशोधन के लिए वह तैयार है।

इसधर किसानों का ये कहना है कि वे केंद्र से क़ानून वापसी से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।

Translate »