May 13, 2021

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पश्चिमी देशों से रूस के बीच पुतिन की लक्ष्मण रेखा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सालाना राष्ट्रीय संबोधन में पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी ‘लक्षण रेखा’ पार न करें। इसका संबंध बेलारूस से है जिसकी बाबत पुतिन ने आरोप लगाया कि वहाँ विद्रोह की साज़िश की गई और साथ ही उन्होंने इस बात की आलोचना भी की।

Credit- politico.eu
बता दें इस समय यूक्रेन और विपक्षी नेता अलेक्सी नवेलनी को लेकर पश्चिमी देशों के साथ रूस का तनाव चल रहा है। उन्होंने इस तनाव के बीच कहा, “अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों का इस्तेमाल अब अधिक ख़तरनाक दिशा में आगे बढ़ रहा है, जैसे बेलारूस में तख़्तापलट का प्रयास।”
इसके साथ ही पुतिन ने बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको का समर्थन भी किया, जो फ़िलहाल देश में व्यापक विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहे हैं।
ग़ौरतलब है कि 17 अप्रैल को बेलारूस के अधिकारियों ने ये जानकारी दी थी कि उन्होंने अमेरिका के समर्थन से राष्ट्रपति लुकाशेंको को मारने की साज़िश को नाकाम कर दिया है। इसके बाद रूस की संघीय जाँच एजेंसी एफ़एसबी ने कहा था कि उसने इस साज़िश में कथित रूप से शामिल बेलारूस के दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
इस बीच तख़्तापलट के दावे को निर्वासित विपक्षी नेता स्वेतलाना तिकानोवस्क्या ने ख़ारिज करते हुए इसे एक उकसावे की संज्ञा दी है।
Credit- NBC
बीते साल स्वेतलाना तिकानोवस्क्या के समर्थन में बड़े प्रदर्शन हुए। गत वर्ष में लुकाशेंको ने चुनाव जीतने का दावा किय और ख़ुद को राष्ट्रपति घोषित किया था। इसके चलते बेलारूस की जनता और विपक्षी पार्टियों ने उनपर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए। देश बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए और लुकाशेंको से सत्ता छोड़ने की माँग हुई हालाँकि वे राष्ट्रपति बने। प्रदर्शन करने वाले लोगों को बड़ी संख्या में हिरासत में ले लिया गया।

पुतिन की चेतावनी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस सभी देशों से अच्छे संबंध चाहता है लेकिन पश्चिमी देश लगातार उसे निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुतिन ने कहा, “हम रिश्तों को सामन्य करने की कोशिशें ख़त्म नहीं करना चाहते, लेकिन अगर कोई हमारे अच्छे इरादों को हमारी कमज़ोरी समझता है तो हमारी प्रतिक्रिया उसी तरह कठोर होगी।”
साथ ही पुतिन ने कहा कि वे ख़ुद तय करेंगे कि इसकी क्या सीमा है।
यूक्रेन को लेकर भी रूस और पश्चिमी देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। ख़बरें ये भी हैं कि रूस ने यूक्रेन के साथ लगे विवादित इलाक़ों में अपने एक लाख से ज़्यादा सैनिकों को तैनात किया है।
बड़ी संख्या में रूसी सेना क्राइमिया में मौजूद है। वर्ष 2014 में रूस ने क्राइमिया को यूक्रेन से छीनकर अपने में शामिल कर लिया था।
बताया जाता है कि रूस पूर्वी यूक्रेन की अलगाववादी ताकतों का समर्थन करता है और चूँकि इस इलाक़े में वह अपनी सेना बढ़ा रहा है इसलिए यहाँ रूसी हस्तक्षेप की आशंका जताई जा रही है।
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि ‘पश्चिमी देश बेलारूस या यूक्रेन के बारे में नहीं सोचते थे, जब वहाँ प्रदर्शन चल रहे थे। यूक्रेन की राजधानी कीएफ़ के मेडन स्क्वेटर में फ़रवरी 2014 में रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के ख़िलाफ़ बड़े प्रदर्शन हुए थे और यानुकोविच को रूस भागना पड़ा था।’
पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि रुस के ख़िलाफ़ उकसाने वाली किसी भी कार्यवाई करने वाले लोगों पछताना पड़ेगा और उनके साथ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा।

नवेलनी के समर्थन में व्यापक प्रदर्शन

Credit- AP
व्लादिवोस्तोक और पूर्वी रूस के अन्य शहरों में पुतिन के बड़े आलोचक माने जाने वाले एलेक्सी नवेलनी के समर्थन में रूस में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
नवेलनी गंभीर रूप से बीमार हैं और राजधानी मॉस्को से कुछ दूर जेल के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
पुतिन प्रशासन पर आरोप है कि उन्होंने ही नवेलनी को ज़हर दिया था जिसके बाद से लगातार वे बीमार हैं। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि नवेलनी के समर्थन में हो रहे विद्रोह ग़ैरक़ानूनी हैं।

कोरोना पर बात

पुतिन में अपने इस भाषण में कोरोना पर भी बात की। उनका पूरा ज़ोर वैक्सीनेशन पर रहा। उन्होंने कहा अपने नागरिकों से वैक्सीन लेने की भी अपील की और साथ ही यह भरोसा दिलाया कि सर्दियों तक रूस कोरोना के ख़िलाफ़ इम्युनिटी हासिल कर लेगा।
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