September 27, 2021

MotherlandPost

Truth Always Wins!

राजस्थान बीजेपी में भी अंदरूनी कलह, कटारिया और मेघवाल आरोपों के बीच आमने-सामने

जहां तक राजस्थान में ​​अंदरूनी कलह की बात है तो भाजपा की राज्य इकाई कांग्रेस से पीछे नहीं है। अब बीजेपी के दो दिग्गज नेता आपस में भिड़ रहे हैं।

 

 

राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के सबसे वरिष्ठ विधायकों में से एक कैलाश मेघवाल ने महाराणा प्रताप और भगवान राम पर अपने विवादास्पद बयान के लिए विपक्ष के नेता गुलाब सी कटारिया के ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव लाने का फ़ैसला किया है और कटारिया को पार्टी की ‘वोट कटिंग मशीन’ क़रार दिया है।

विधानसभा में भाजपा विधायक कैलाश मेघवाल ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को पत्र लिखकर विपक्ष के नेता के ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव के रूप में पार्टी विधानमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने को कहा है।

कैलाश मेघवाल ने 10 पन्नों का एक पत्र भी लिखा है जो पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को संबोधित है। गुलाब सी कटारिया के ख़िलाफ़ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पार्टी के छह अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कटारिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मेघवाल ने अपने पत्र में कहा कि हाल के उपचुनावों में पार्टी की हार के लिए कटारिया द्वारा महाराणा प्रताप का अपमान करने का बयान ज़िम्मेदार था। पत्र में 1976 से 2021 तक कटारिया पर पार्टी में गुटबाज़ी, साथी महिला नेताओं का अपमान करने, उनके ख़िलाफ़ साज़िश रचने और टिकट से पैसे लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने पार्टी आलाकमान से कटारिया को पद से हटाने की मांग की है।

इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए गुलाब सी कटारिया ने कहा, “मैंने पत्र देखा है, आप पार्टी से आरोपों की जांच करने के लिए कहें और मैं पार्टी के फ़ैसले का सामना करने के लिए तैयार हूँ।

इस बीच पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रभारी अरुण सिंह बुधवार को जयपुर पहुंच गए हैं। वह गुरुवार को विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर मेघवाल से बात करूंगा और उनके पत्र के पीछे का कारण जानने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान पार्टी के हित में नहीं हैं। हम ऐसे बयानों का संज्ञान ले रहे हैं और उन्हें ठंडे बस्ते में नहीं जाने देंगे।

विशेष रूप से, मेघवाल पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के क़रीबी के रूप में जाने जाते हैं और सूत्रों की माने तो यह पत्र कहीं न कहीं राजे खेमे के नेताओं के गुटों और पार्टी के राज्य नेतृत्व के बीच चल रही लड़ाई से जुड़ा है।

Translate »