Saturday, July 2, 2022

MOTHER LAND POST

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राकेश टिकैत के भारतीय किसान यूनियन(BKU) में हुआ दो फाड़, राजनीतिक बयानबाजी बताई जा रही है वजह

by Sachin Singh Rathore
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एक साल चले किसान आंदोलन को आखिरकार कौन भूल सकता है। लेकिन आज किसान यूनियन में दो फाड़ देखने को मिल रहा है।दरअसल, चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर भारतीय किसान यूनियन में दो फाड़ होने की खबर सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब राकेश टिकैत वाले गुट से भारतीय किसान यूनियन के कई नेता अलग हुए हैं। किसान यूनियन में दो फाड़ होते हुए बताया यह जा रहा है कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले नया संगठन काम करेगा। सूत्रों से खबर आ रही है कि यूपी, एमपी और उत्तराखंड एमपी और उत्तराखंड के नाराज किसान नेताओं ने बैठक के बाद निर्णय लिया है. वहीं राजेश सिंह चौहान को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का अध्यक्ष बनाया गया है ।

किसान हित से हटकर राजनीतिक बयानों के चलते हो रहे दो फाड़ 
उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में राकेश टिकैत के बयानों के चलते माना जा रहा है कि किसान यूनियन इस तरह से दो रास्तों पर चल पड़े हैं । किसान यूनियन का राजनीतिकरण होते हुए देख कुछ किसानों ने राकेश टिकैत से अलग होने का फैसला लिया है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का राजनीति से कोई मतलब नहीं होगा। किसान हितों के लिए यह संगठन काम करेगा। नए संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अनिल तलान ने नारे के स्वर में कहा, किसान तुम बढ़े चलो, किसान तुम बढ़े चलो।

भारतीय किसान यूनियन का सरकार विरोधी और राजनीतिक होने से है किसानों को परेशानी

सूत्रों की माने तो करीबन कुल मिलाकर इनका विरोध इस बात को लेकर ही था कि भारतीय किसान यूनियन अब खुद को राजनैतिक रूप देने में लगी हुई है। राजनीतिक बयानबाजी से परेशान किसानों ने यह फैसला लिया है। दूसरी तरफ सरकार से बात ना करने का रवैया भी एक तरह से किसान यूनियन के दो बार होने का कारण सामने आ रहा है। चुनावी मैदान में भी सरकार का विरोध करते हुए विपक्षी पार्टियों का साथ देना भी राकेश टिकैत बहुत भारी पड़ रहा है। आपको बता दें कि इस संगठन में धर्मेंद्र मलिक भी शामिल हुए हैं जो लगातार किसान आंदोलन में भी सक्रिय रह चुके हैं।