April 11, 2021

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कोरोना मामलों में तेज़ी से उछाल, क्या है नियंत्रण का रास्ता?

बीते एक साल में कोरोना वायरस ने आम जीवन में एक नई तब्दीली ला दी है, जहाँ इसका भय हमेशा बना रहता है। अब जहाँ पिछ्ले महीने तक इसपर नियंत्रण पाने में लोग और सरकारें क़ामयाब नज़र आ रही थीं वहीं अब दृश्य बदलता दिखाई दे रहा है। देश में कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। इसी संबंध में बुधवार को प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में पेश किए गए ऑंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, और पंजाब की स्थिति सबसे चिंताजनक है।
महाराष्ट्र की स्थिति इसमें सबसे बुरी है जहाँ कुल मामलों में 60 फ़ीसद मामले केवल इसी राज्य के हैं। यहाँ पिछले चौबीस घंटे में 23,179 मामले सामने आए हैं जिसमें 84 लोगों की मौत भी हुई है। बता दें कि एक दिन में 9,138 लोग ठीक भी हुए हैं और राज्य का रिकवरी रेट 91.26% है।
अन्य राज्यों में भी स्थिति गंभीर हो रही है। गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब और दिल्ली समेत कई राज्यों के कोरोना मामलों में तेज़ी से उछाल आया है।वहीं दूसरी ओर दूसरे चरण की वैक्सीनेशन ड्राइव जारी है और लोगों को टीका लगाया जा रहा है। बुधवार की शाम तक कोरोना की 3,64,67,744 ख़ुराक दी गई हैं जिसमें से 75,47,958 स्वास्थ्य कर्मी हैं।
कोरोना से जुड़े ऑंकड़े सरकार को एक बार फिर लॉकडाउन को एक विकल्प की तरह देखने पर मजबूर कर रहे हैं। कई राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन और नाईट कर्फ्यू लगाकर वायरस पर नियंत्रण की कोशिशें जारी हैं। व्यापक स्तर पर टीकाकरण होने के बावजूद कोरोना का बढ़ना बेहद चिंताजनक है। इससे पहले अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तोड़ देने के बाद वायरस पर नियंत्रण का रास्ता अब सरकारों के लिए कठिन साबित होने वाला है। लोग लापरवाह हो गये है और मास्क और सोशल डिस्टन्सिंग को फॉलो नहीं कर रहे है। एक बार फिर से सब को जागरूक होने की जरुरत है ।
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