June 18, 2021

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रूस की अदालत का बड़ा फ़ैसला, क्रेमलिन विरोधी नवलनी को बताया “चरमपंथी”

रूस की एक अदालत ने बुधवार को जेल में बंद क्रेमलिन के आलोचक एलेक्सी नवलनी से जुड़े समूहों को “चरमपंथी” घोषित करने के बाद ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया।

 

यह एक ऐसा क़दम है जो उनके सहयोगियों को चुनावों से प्रतिबंधित करता है। साथ ही भविष्य में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका-रूस संबंधों को और तनावपूर्ण भी बनाएगा।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अगले हफ़्ते जिनेवा में नवलनी के भविष्य और उनके आंदोलन पर कार्रवाई पर बातचीत करने वाले हैं।

 

Credit- Rueters

 

वाशिंगटन ने मास्को से नवलनी को मुक्त करने के लिए कहा है और अदालत के फ़ैसले की निंदा भी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे “विशेष रूप से परेशान करने वाली” ख़बर माना है।
इसपर क्रेमलिन का कहना है कि मामला विशुद्ध रूप से घरेलू है न कि बाइडन का। इसके पहले नवलनी को यू.एस. समर्थित एजेंट भी बताया जाता रहा है जिससे नवलनी नकारते आए हैं।

बुधवार को पुतिन के इस प्रतिद्वंद्वी पर दिया गया ये फ़ैसला लंबे समय से चले आ रही कई कार्यवाइयों का नया अध्याय माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि ये फ़ैसला नवलनी के उस विशाल राजनीतिक नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित करेगा जिसे बनाने में उन्हें बर्षों का समय लगा था और जिससे वे पुतिन को चुनौती देने के क़ाबिल बने थे।
बता दें कि 68 वर्षीय पुतिन 1999 से राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में रहे हैं।

 

क्या है नवलनी के ख़िलाफ़ ये मामला?

नवलनी ग़बन मामले से संबंधित पैरोल उल्लंघन के लिए जेल में हैं जिसे वे अपने ख़िलाफ़ साज़िश मानते हैं।
उन्होंने विरोध प्रदर्शनों और भ्रष्टाचार पर जांच के माध्यम से पुतिन को एक साहसिक चुनौती दी थी, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि रूस के नेतृत्व में बदलाव आएगा।

नवलनी के नेटवर्क के ख़िलाफ़ क़ानूनी मामला मॉस्को के शीर्ष अभियोजक के कार्यालय द्वारा लाया गया था, जिसने नवलनी और उनके सहयोगियों पर रूस के अंदर अपनी गतिविधियों से सामाजिक-राजनीतिक स्थिति को अस्थिर करने की कोशिश करके क्रांति को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

 

Credit- REUTERS

 

बुधवार को मॉस्को अभियोजक के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा कि वह नवलनी को अशांति फैलाने का ज़िम्मेदार मानने वाले इस फ़ैसले से खुश हैं।

बंद दरवाज़ों के पीछे तक़रीबन 12 घंटे की क़ानूनी सुनवाई के बाद नवलनी के वकीलों ने एक बयान में कहा कि वे दोबारा अपील करेंगे और अभियोजकों द्वारा पेश किए गए सबूत संतोषजनक नहीं थे।

 

नवलनी बनाम क्रेमलिन

नवलनी और उनके सहयोगियों ने अभियोजक के “चरमपंथी” होने के आरोपों का खंडन किया और कहा कि ये सब उनके राजनीतिक विरोध को कुचलने के लिए किया जा रहा है।

 

Credit- Reuters

 

नवलनी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक संदेश में उन्होंने इस फ़ैसले के बारे में अपने समर्थकों से कहा, “हम कहीं नहीं जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “हम इसे स्वीकार कर लेंगे, चीज़ों को सुलझाएंगे, बदलेंगे और विकसित होंगे। हम अनुकूलन करेंगे। हम अपने लक्ष्य और विचारों से पीछे नहीं हटेंगे। यह हमारा देश है और हमारे पास कोई दूसरा नहीं है।”

प्रत्यक्ष रूप से क्रेमलिन का ये फ़ैसला रूस की राजनीति में एक स्थाई बदलाव को साधने की कोशिश है जिसे उन्होंने पहले भी अलग-अलग क़ानूनों के चलते ज़ाहिर किया है। अब नवलनी का भविष्य और अमेरिका से रूस के संबंध दोनों ही जटिल सवाल हैं।

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