September 26, 2021

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अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का 91 साल की उम्र में निधन, पाकिस्तान में एक दिन का राष्ट्रीय शोक

ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी का बुधवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने 91 साल की उम्र में आखिरी सांस ली।

पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर गिलानी के निधन की जानकारी दी। वहीं, कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि गिलानी केनिधन की खबर मिलने पर कश्मीर में कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं साथ ही इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है।

महबूबा मुफ्ती ने गिलानी को दी श्रद्धांजलि

मुफ्ती ने सैयद अली शाह गिलानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा- गिलानी साहब के इंतकाल की खबर से दुखी हूं। हमारे बीच ज्यादा मुद्दों पर एकराय नहीं थी, लेकिन उनकी त्वरित सोच और अपने भरोसे पर टिके रहने को लेकर उनका सम्मान करती हूं। अल्लाह उन्हें जन्नत में जगह दे। उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करती हूं।

पाकिस्तान में गिलानी की मौत पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक

पाकिस्तान के पीएम इमरान ने कहा कि कश्मीर की आजादी के लिए लड़ने वाले सैयद अली गिलानी की मौत की खबर जानकर बहुत दुखी हूं। वो जिंदगी भर कश्मीर के लोगों और उनके आजादी के अधिकार के लिए लड़ते रहे। उन्हें भारत सरकार से प्रताड़ना मिली लेकिन फिर भी वे अपने इरादों पर टिके रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में हम उनके हौंसले की लड़ाई को सलाम करते हैं और उनके लफ्जों को याद करते हैं- “हम पाकिस्तान के हैं और पाकिस्तान हमारा है।’ पाकिस्तानी झंडा आधा झुका रहेगा और हम एक दिन का शोक मनाएंगे।

कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते थे

गिलानी कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते थे और उसे अलग करने की मांग करते थे। उन्होंने 1990 के दशक में आतंकी हिंसा और अलगाववाद की सियासत करने वाले धड़ों को मिलाकर ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का गठन किया था। इसमें 1987 के चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की खिलाफत करने वाले तमाम गुट शामिल हो गए थे।

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