September 28, 2021

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दिल्ली कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर मामले में शशि थरूर को किया बरी

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर के ख़िलाफ़ 2014 में उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है। स्पेशल जज गीतांजलि गोयल ने थरूर को क्लीन चिट देते हुए कहा, ‘आरोपी को बरी किया जाता है।’

 

 

फ़िलहाल विस्तृत आदेश नहीं दिया गया है। जज का शुक्रिया अदा करते हुए थरूर ने कहा, ‘साढ़े सात साल पूरी तरह प्रताड़ना से गुज़रे हैं।’
बता दें कि सुनंदा पुष्कर थरूर की पत्नी थीं। उनकी मौत 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में रहस्यमय तरीके से हो गई थी। अपनी मौत से पहले सुनंदा ने थरूर पर आरोप लगाया था कि उनका किसी पाकिस्तानी महिला पत्रकार के साथ संबंध है।

सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर को आरोपी बनाया था और उनके खिलाफ IPC की धारा 307, 498 A के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि, अब तक इस मामले में शशि थरूर एक बार भी गिरफ़्तार नहीं किया गया है।

सीनियर एडवोकेट पाहवा ने अदालत को बताया कि डॉक्टर मौत के कारण का पता लगाने या यह स्थापित करने में सक्षम नहीं हैं कि क्या वास्तव में पुष्कर की मौत आत्महत्या से हुई थी और इसलिए, थरूर के ख़िलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला पुलिस की कल्पना के अलावा और कुछ नहीं है।

इसपर पब्लिक प्रोसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव ने ज़ोर देकर कहा कि पुष्कर को मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा जिससे उनका स्वास्थ्य ख़राब हो गया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यह एक आकस्मिक मौत नहीं थी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भरोसा किया, जिसमें सुझाव दिया गया था कि मौत का कारण ज़हर था जो उन्हें खाने में या इंजेक्शन के रूप में दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक प्रताड़ना के कारण पुष्कर की तबीयत बिगड़ी। इसके पहले उन्हें ऐसी कोई समस्या नहीं थी लेकिन ‘तनाव और विश्वासघात’ के कारण समस्याएं शुरू हुईं।
हालांकि अब शशि थरूर इस मामले में बरी हो चुके हैं।

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