September 26, 2021

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शिवसेना ने गीतकार जावेद अख़्तर के RSS को तालिबानी कहने वाले बयान को ठहराया ग़लत

शिवसेना ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तालिबान से तुलना करने में गीतकार जावेद अख़्तर “पूरी तरह से ग़लत” थे।

 

ANI

 

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है, ‘आप कैसे कह सकते हैं कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का समर्थन करने वाले तालिबानी मानसिकता के हैं? हम इससे सहमत नहीं हैं।’

बता दें कि अख़्तर ने हाल ही में एक न्यूज़ चैनल को बताया कि पूरी दुनिया में दक्षिणपंथियों में एक अनोखी समानता है। “तालिबान एक इस्लामी देश चाहता है। ये लोग एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं,” गीतकार ने आरएसएस का नाम लिए बिना ये बात कही।

उनकी टिप्पणी का उल्लेख करते हुए, “सामना” के संपादकीय में कहा गया है, “भले ही जावेद अख़्तर एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं और कट्टरवाद के ख़िलाफ़ बोलते हैं, लेकिन आरएसएस की तुलना तालिबान से करना पूरी तरह से ग़लत है।

मराठी प्रकाशन ने आगे कहा कि हिंदू राष्ट्र का प्रचार करने वालों का रुख उदार है। “जिस विभाजन के कारण पाकिस्तान का निर्माण हुआ, वह धर्म पर आधारित था। जो लोग एक हिंदू राष्ट्र का समर्थन करते हैं, वे केवल यह चाहते हैं कि बहुसंख्यक हिंदुओं को दरकिनार न किया जाए। हिंदुत्व एक संस्कृति है और समुदाय के लोग उन लोगों को रोकने के अधिकार की मांग करते हैं जो इस संस्कृति पर हमला करते हैं।”

शिवसेना ने आगे कहा कि हिंदुत्व की तालिबान से तुलना करना हिंदू संस्कृति का “अपमान” है। इसमें कहा गया, “एक हिंदू बहुल देश होने के बावजूद, हमने धर्मनिरपेक्षता का झंडा फहराया है। हिंदुत्व के समर्थक केवल यही चाहते हैं कि हिंदुओं को दरकिनार न किया जाए।”

इसमें कहा गया है, “आप आरएसएस के साथ मतभेद कर सकते हैं, लेकिन उनके दर्शन को तालिबानी कहना पूरी तरह से ग़लत है।”

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