गुरुवार को करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर चौकी में तैनात सिपाही मुकुल सिरोही द्वारा चौकी इंचार्ज की गाड़ी की नंबर प्लेट की अखबार की कटिंग डालने पर ग्रामीणों और किसानों के खिलाफ की गयी असभ्य टिप्पणी के खिलाफ सहायक पुलिस आयुक्त अब्दुल कादिर को ज्ञापन सौंपकर टिप्पणी करने वाले सिपाही को सस्पेंड कराने की मांग की।

ग्रेटर नोएडा में तैनात सिपाही ने किसानों और ग्रामीणों के खिलाफ की अभद्र टिप्पणी, किसानों में रोष, सस्पेंड की मांग
ग्रेटर नोएडा में तैनात सिपाही ने किसानों और ग्रामीणों के खिलाफ की अभद्र टिप्पणी, किसानों में रोष, सस्पेंड की मांग

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के आलोक नागर ने बताया कि, आज एक पत्रकार के न्यूज़ ग्रुप में उनके द्वारा एक अखबार में दरोगा की गाड़ी की नम्बर प्लेट की कटिंग डाली गई। जिसके तत्पश्चात बिलासपुर चौकी में तैनात कांस्टेबल मुकुल कुमार सिरोही ने उक्त कटिंग को टैग करते हुए लिखा कि, जुनेदपुर वालों के इतना तगड़ा इंजेक्शन लगा है कि अब तक दर्द नहीं जा रहा। इसके अलावा आरोपी सिपाही ने उसी ग्रुप में किसानों को लेकर भी अशोभनीय टिप्पणी करते हुए कहा कि सबसे कम खेती गौतम बुद्ध नगर में हैं पर सबसे ज्यादा किसान नेता यहां दिख जाते हैं क्योंकि कोई काम तो है नहीं खेती करने का।

प्रवीण भारतीय ने कहा कि, इस टिप्पणी से गौतम बुद्ध नगर के समस्त किसान संगठन एवं उनके नेतृत्व कर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। समस्त जुनेदपुर गांव के लोगों को इंजेक्शन का दर्द की टिप्पणी करके पूरे गांव के लोगों का अपमान किया है। इस घटनाक्रम से समस्त जुनेदपुर एवं समस्त क्षेत्र के किसान संगठनों में भारी रोष है।

इस घटना से यह भी प्रतीत हो रहा है कि, जुनेदपुर निवासी राकेश के साथ चौकी इंचार्ज संजीव राठी के द्वारा की गई मारपीट गाली-गलौज एवं गलत किए गए वाहन के चालान प्रायोजित तरीके से किये गए है। इस टिप्पणी ने यह सिद्ध कर दिया है कि किसी द्वेष भावना के कारण ही राकेश के साथ चौकी इंचार्ज एवं पुलिसकर्मियों ने बदतमीजी की है।

प्रवीण भारतीय ने कहा कि, ज्ञापन के माध्यम से संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस प्रकरण में तत्काल प्रभाव से जांच कर चौकी इंचार्ज एवं बिलासपुर चौकी पर तैनात कांस्टेबल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही कर दोनों को सस्पेंड करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्यवाही नही हुई तो किसान संगठन एवं जुनेदपुर गांव के लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।