November 27, 2021

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ग्रेटर नोएडा: अब एफएआर परचेज कर सकेंगी स्पॉट जोन की कंपनियां

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 124 वीं बोर्ड बैठक सोमवार को संपन्न हुई। औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न इस बोर्ड बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र, एसीईओ अमनदीप डुली समेत शासन-प्रशासन के कई अधिकारी शामिल हुए।

 

 

बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास अरविंद कुमार व कई अन्य अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए। इस बैठक में नए एजेंडों के साथ ही शहर में चल रहीं परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई।

अब एफएआर परचेज कर सकेंगी स्पॉट जोन की कंपनियां

ग्रेटर नोएडा के बसने से पहले चल रहीं औद्योगिक इकाइयां (स्पॉट जोन की कंपनियां) भी बचे हुए प्लॉट पर प्राधिकरण से एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) परचेज कर सकेंगी। इसके लिए तय शुल्क का भुगतान करना होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इस पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इन कंपनियों को विकास शुल्क भी देना होगा।

ग्रेटर नोएडा में ऐसी कई कंपनियां हैं, जो ग्रेटर नोएडा के अस्तित्व में आने से पहले ही इकाई लगाकर उत्पादन कर रही हैं और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान कर रहीं थीं। ऐसी इकाइयों द्वारा किए गए निर्माण को रेगुलराइजेशन (स्पॉट जोन) किया जा चुका है।

 

 

ये इकाइयां प्राधिकरण की तरफ से बनाए गए संसाधनों (इंफ्रास्ट्रक्चर) का उपयोग कर रही हैं। इन कंपनियों को विकास शुल्क भी देना होगा। इसके बाद ये कंपनियां प्राधिकरण से आवंटित अन्य औद्योगिक भूखंडों की तरह सभी स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगी।

कंपलीशन व फंक्शनल सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगी। साथ ही नियमानुसार तय शुल्क का भुगतान कर अतिरिक्त एफएआर परचेज कर सकेंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने इस पर स्वीकृति दे दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड के इस फैसले से ऐसी इकाइयां अपना विस्तार कर सकेंगी। इससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

स्मार्ट विलेज परियोजना पर बोर्ड की भी हरी झंडी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने 14 गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की योजना की समीक्षा की। सीईओ नरेंद्र भूषण ने बोर्ड को बताया कि 14 गांवों में से मायचा में काम शुरू हो चुका है। शेष 13 गांवों की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

 

 

स्मार्ट विलेज परियोजना के पहले चरण के अंतर्गत सीवर, ड्रेनेज, पानी, नाली, खड़ंजा, सीसी रोड, विद्युतीकरण आदि विकसित किए जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण में लाइब्रेरी, वाई-फाई की सुविधा, युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर, स्मार्ट क्लास बोर्ड आदि की सुविधा दी जाएगी। ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को रोजगार परक कोर्स की जानकारी दी जाएगी, जिससे उनको कैरियर बनाने में मदद मिल सके।

प्लॉट का सब डिवीजन नहीं कर सकेंगे बिल्डर

-फ्लैट खरीदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने एक अहम फैसला लिया है। अब बड़े प्लॉटों के सब-डिवीजन पर रोक लगा दिया है। यानी अब बिल्डर प्राधिकरण से जमीन आवंटित कराने के बाद खुद से बेच (सब-डिवीजन) नहीं सकेंगे। उनको प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। इससे दो फायदे होंगे। बिल्डर उतनी ही जमीन लेंगे, जितने पर उनको प्रोजेक्ट बनाना है। दूसरे, खरीदारों के फ्लैट तय समय पर मिल सकेंगे। सब डिवीजन के चलते समय बर्बाद नहीं होगा। उनको तय समय पर फ्लैट बनाकर देने की जिम्मेदारी आवंटी बिल्डर पर होगी।

आवासीय योजना के निर्मित भवनों की कीमत बोर्ड से मंजूर

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने सेक्टर ज्यू वन, टू व थ्री की दरें आवासीय योजना के भवनों की तय दरों पर मुहर लगा दी है। 120 वर्ग मीटर वाले भूखंडों की कीमत 58.99 लाख और 200 वर्ग मीटर के भूखंडों की कीमत 82.91 लाख रुपये होगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 113 भवनों की यह योजना लांच कर दी है। आवेदक 10 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ये निर्मित भवन हैं। आवंटन होने पर आवंटी तत्काल पजेशन ले सकते हैं।

ग्रेनो में जल्द आएगी फ्यूल स्टेशनों की स्कीम

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बहुत जल्द फ्यूल स्टेशनों की योजना लाने जा रहा है। पब्लिक की सुविधाओं को देखते हुए इन फ्यूल स्टेशनों की जगह तय की जाएगी, ताकि फ्यूल भरवाने के लिए वाहनों को इधर-उधर भटकना न पड़े। प्राधिकरण बोर्ड ने यह योजना लाने के लिए स्वीकृति दे दी है।

गंगाजल प्रोजेक्ट को 30 नवंबर तक होगा पूरा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने 30 नवंबर तक 85 क्यूसेक गंगाजल परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए। चेयरमैन संजीव मित्तल ने इस परियोजना की समीक्षा करते हुए नए साल पर घरों तक गंगाजल की सप्लाई शुरू करने को कहा। सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि इस परियोजका का कार्य लगभग 99 फीसदी हो चुका है। बचे हुए कार्यों को 30 नवंबर तक पूरा कर कमिशनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस परियोजना पर 2016 में काम शुरू हुआ था, अब पूरा होने के कगार पर है।
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