September 24, 2021

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‘तब तो तीसरी लहर भी ख़त्म हो जाएगी’ कोरोना से मौत पर मुआवजा देने के मामले में केंद्र पर बरसा सुप्रीम कोर्ट

कोरोना संक्रमण के कारण देशभर मरने वालों को मुआवजा देने और डेथ सर्टिफ़िकेट जारी करने की नीति बनाने के फ़ैसले के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल ना करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नाराज़गी जताई है।

 

New Delhi India – October 28, 2017: People visit Supreme Court of India in New Delhi

 

इस मामले में केंद्र से सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच ने कहा कि हम आपको काफ़ी पहले ही इस बारे में आदेश दे चुके हैं लेकिन इसके बावजूद आपने इसपर अमल नहीं किया।

 

‘तब तक तो तीसरी लहर भी ख़त्म हो जाएगी’

कोर्ट ने कहा कि आशंका के आधार पर अब तो तीसरी लहर भी नज़दीक आती जा रही है। इस बाबत कोर्ट ने कहा कि ‘कोविड की वजह से मरने वालों को मुआवजा देने और डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का फ़ैसला 30 जून को दिया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया जा सका। कोर्ट ने कहा कि तब तक तो तीसरी लहर भी ख़त्म हो जाएगी।’

इसपर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि ‘हमें खेद है कि हम हलफनामा दाखिल नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट दस और दिनों की मोहलत दे दे क्योंकि इस मुद्दे पर सरकार लगातार विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर रही है लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और 11 सितंबर को उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा।’

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को एक अहम फ़ैसले में कहा था कि जिन लोगों की मौत कोरोना से हुई है उनके परिवारों को सरकार मुआवजा दे। कोर्ट ने कहा था कि कितना मुआवजा देना चाहिए ये सरकार ख़ुद तय करे।

समाचार एजेंसी एनडीटीवी के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि “कोविड से हुई मौतों पर चार लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है लेकिन NDMA को ऐसी व्ययवस्था बनाने को कहा जिससे कोविड में मारे गए लोगों के परिवारों को न्यूनतम मुआवजा दिया जा सके।”

इसके अलावा कोर्ट ने केंद्र को ये निर्देश भी दिया था कि वह कोविड से जुड़े डेथ सर्टिफ़िकेट जारी करे और जो सर्टिफ़िकेट पहले ही जारी हो गए हैं, उनमें सुधार करे।

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