May 13, 2021

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विकास दुबे एनकाउंटर मामले को सुप्रीम कोर्ट ने बताया सच, उत्तर प्रदेश पुलिस को मिली क्लीन चिट

विकास दुबे एनकाउंटर मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी कि विकास दुबे का एनकाउंटर फर्जी है। विकास दुबे को पुलिस ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक आयोग से टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। न्यायिक आयोग द्वारा इस मामले में जांच करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे एनकाउंटर मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को क्लीन चिट दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा है कि, विकास दुबे का एनकाउंटर फैजी नहीं था बल्कि असली था। इस एनकाउंटर में जो भी बात सामने आई थी, वही सच थी। पुलिस ने कोर्ट और देश से कुछ नहीं छुपाया है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस को जब क्लीन चिट मिल गई है तो उत्तर प्रदेश पुलिस ने और इस एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।

दरअसल, विकास दुबे एनकाउंटर मामले में एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कहा था कि विकास दुबे का एनकाउंटर फर्जी है। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। जिसके बाद न्यायिक आयोग ने इस पूरे मामले की जांच करने के लिए एक टीम का गठन किया था। एक टीम में रिटायर जस्टिस बीएस चौहान, उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता और हाई कोर्ट के पूर्व न्यायधीश शशीकांत अग्रवाल समेत काफी अधिकारी शामिल थे।

इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा था कि, यह एनकाउंटर बिल्कुल सही है। तुषार मेहता ने बताया था कि, उत्तर प्रदेश एसटीएफ टीम और कानपुर पुलिस विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लेकर आ रही थी। रास्ते में कार एक्सीडेंट के दौरान विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। जिसमें उत्तर प्रदेश एसटीएफ टीम ने विकास दुबे को एनकाउंटर में मार दिया। तुषार मेहता ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मुठभेड़ को सही बताया था।

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