September 27, 2021

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अच्छा खाना न बनाने पर तालिबान लड़कों ने महिला को ज़िंदा जलाया!

अफ़ग़ानिस्तान की एक पूर्व जज के मुताबिक़ अफ़ग़ान महिलाओं को ताबूतों में पड़ोसी देशों में भेजा जा रहा है और उन्हें सेक्स स्लेव के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

 

 

तालिबान से अपनी जान बचाकर भाग जाने के बाद अमेरिका में रहने वाली नजला अयूबल ने कहा कि जब से आतंकवादियों ने नियंत्रण किया है तब से उन्होंने महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के भयानक उदाहरण सुने हैं।

उसने कहा कि उत्तर में एक महिला को “तालिबान लड़ाकों के लिए ख़राब खाना पकाने के कारण आग लगा दी गई”!

अन्य युवतियों को शादी के लिए मजबूर किया जा रहा है और उनका यौन शोषण किया जा रहा है। वकील ने स्काई न्यूज़ को बताया, “वे लोगों को खाना देने और खाना पकाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। साथ ही पिछले कुछ हफ्तों में बहुत सारी युवतियों को ताबूतों में पड़ोसी देशों में भेज दिया गया है ताकि उन्हें सेक्स ग़ुलाम के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।”

उन्होंने आगे कहा, “वे परिवारों को अपनी युवा बेटियों की शादी तालिबान लड़ाकों से करने के लिए भी मजबूर करते हैं। मुझे उनका वादा तो कहीं नहीं दिखता के महिलाओं को काम करने की आज़ादी होगी, जबकि हम ये सब अत्याचार होते हुए देख रहे हैं।

बता दें कि क़ब्ज़े के बाद तालिबान ने कहा था कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करेंगे और उन्हें काम करने और शिक्षित होने की अनुमति देंगे।

इसपर महिला जज ने कहा कि इसपर विश्वास करने का कोई सवाल नहीं है, तालिबान समावेशी सरकार बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वे एक महिला टीवी एंकर को जानती हैं जिसे वापस घर जाने के लिए कहा गया था।

उन्होंने कहा कि कई महिला कार्यकर्ता अब छिप रही हैं और उनकी और उनके प्रियजनों की ज़िंदगी को लेकर हमेशा डर बना रहता है। लेकिन इस “स्थिति से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है”।

ऐसे में ज़्यादा से ज़्यादा रिपोर्ट्स मानवाधिकारों के उल्लंघन और अत्याचार की पुष्टि कर रहे हैं जो विशेषकर महिलाओं के साथ घट रहा है और इससे स्थिति बेहद निराशाजनक होती जा रही है।

कुछ दिनों पहले एक महिला के बारे में कहा गया था कि बुर्क़ा नहीं पहनने पर गली में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कुछ महिलाएं इतनी हताश हैं कि उन्हें काबुल हवाई अड्डे पर अपने बच्चों को कांटेदार तार के ऊपर से गुज़ारने की कोशिश करते हुए फ़िल्माया गया, जहां विदेशी सैनिक अपने नागरिकों और स्थानीय सहयोगियों को निकाल रहे हैं।

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