September 27, 2021

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भारत-पाक कश्मीर के मुद्दे पर अब क्या बोला तालिबान?

तालिबान ने कहा है कि उन्हें कश्मीर सहित पूरी दुनिया में मुसलमानों के लिए अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार है। ऐसे में नई दिल्ली की चिंता के बीच कि अफ़ग़ानिस्तान का इस्तेमाल इस्लामी कट्टरपंथी समूह के शासन के तहत भारत विरोधी गतिविधि के लिए किया जा सकता है।

 

Taliban spokesperson Suhail Shaheen/Reuters

 

जियो न्यूज़(Geo News) के मुताबिक़, तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा, “मुसलमान होने के नाते, हमें कश्मीर, भारत और किसी भी अन्य देश में मुसलमानों के लिए आवाज़ उठाने का अधिकार है। हम अपनी आवाज़ उठाएंगे और कहेंगे कि मुसलमान आपके अपने लोग हैं, आपके अपने नागरिक।”

जियो न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शाहीन ने समाचार एजेंसी बीबीसी उर्दू के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि वे आपके क़ानूनों के तहत समान अधिकारों के हक़दार हैं। हालांकि शाहीन ने कहा कि तालिबान की किसी भी देश के ख़िलाफ़ हथियार उठाने की नीति नहीं है।

ग़ौरतलब है कि शाहीन की ये टिप्पणी कश्मीर पर तालिबान के पहले के बयानों के उलट है क्योंकि काबुल पर नियंत्रण करने के कुछ दिनों बाद, तालिबान ने कहा था कि कश्मीर एक “द्विपक्षीय और आंतरिक मामला” है।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि अफगानिस्तान में भारत का तत्काल ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल उसके ख़िलाफ़ आतंकवादी गतिविधियों के लिए न किया जाए।

 

 

बागची ने यह भी कहा कि तालिबान को किसी भी संभावित मान्यता के बारे में बात करने के लिए अभी “बहुत शुरुआती दिन” हैं। तालिबान के साथ भारत के जुड़ाव के बारे में पूछे जाने पर बागची ने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा, “यह हमारा ध्यान नहीं है। हमारा ध्यान इस बात पर है कि अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और किसी भी तरह के आतंकवाद के लिए नहीं किया जाना चाहिए।”

इससे पहले, कतर में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने मंगलवार को तालिबान के वरिष्ठ नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई से मुलाक़ात की और भारत की चिंताओं से अवगत कराया।

भारत इस बात से चिंतित है कि सुन्नी और वहाबी आतंकवादी समूह तालिबान को अपनी पनाहगाह में बदल देंगे, इस डर के बीच अफ़ग़ानिस्तान इस्लामी आतंकवाद का केंद्र बन सकता है।

क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाने की भी उम्मीद है।

इस मामले से परिचित लोगों ने पिछले महीने एएनआई को बताया, “कश्मीर में सुरक्षा चौकसी बढ़ाई जाएगी लेकिन चीज़ें नियंत्रण में हैं और अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान स्थित समूहों के पास स्थिति का इस्तेमाल करने की क्षमता बहुत कम है।”

‘कश्मीर को भारत से मुक्त कराने के लिए तालिबान हमारे साथ’

बता दें कि टीवी न्यूज़ डिबेट में पाक सरकार के नेता पिछले महीने, पाकिस्तान की सत्ताधारी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) पार्टी के एक नेता ने कहा था कि तालिबान भारत से कश्मीर को ‘मुक्त’ करने में देश की मदद करेगा।

पीटीआई नेता नीलम इरशाद शेख ने एक टेलीविजन समाचार बहस के दौरान कहा, “तालिबान ने कहा है कि वे हमारे साथ हैं और वे कश्मीर में हमारी मदद करेंगे।”

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