April 11, 2021

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किसानों के हित में लोकसभा में उठा आलू,सुगंधित फसलों और फुलों का मुद्दा,सांसद सुब्रत पाठक ने उठाया मामला

नईदिल्ली,23 मार्च। उत्तर प्रदेश के कन्नौज से बीजेपी के सांसद सुब्रत पाठक ने किसानों के हित में अहम मुद्दे को लोकसभा में उठाया है।शून्यकाल के दौरान सांसद ने कहां की उनके क्षेत्र में आलू की पैदावार प्रत्येक साल अत्यधिक मात्रा में होती है। आलू को रखने के लिए जरूरत के हिसाब से भंडारण की व्यवस्था भी है। मगर प्रत्येक 5 वर्ष में तीन-चार बार कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आलू की पैदावार इतना बढ़ जाता है कि आलू कि कीमत काफी कम हो जाती है।जिससे कि किसानों को आलू फेकने कि स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हालत यह हो जाती है कि किसानों को आलू का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है।वही इसके भंडारण कर रहे व्यापारियों को भाडा़ तक नही मिल पाता है।जिससे कि किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान सहना पडता है।जिस कारण किसानों और आलू के व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।उनका कहना था कि इस साल भी आलू कि पैदावार अधिक हुयी है।भंडारण भी पूर्ण हो चुके है।

सासंद ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग किया कि कन्नौज के अलावा आसपास के जिलों में भी आलू की पैदावार अधिक होती है।अत: किसानों और आलू के व्यापारियों और इसके भंडारण करने वालों लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुये कन्नौज में आलू आधारित उधोग लगाने और सरकार द्वारा किसानों से आलू उचित मूल्य देकर खरीदा जाए और खरीदे गये आलू का निर्यात किया जाए, ताकि किसानों, व्यापारियों और इसके भंडारण करने वालो को उचित मूल्य मिल सके।

वही सुगंधित फूल और फसलों पर चर्चा करते हुये सांसद ने कहा कि कन्नौज पूरी दुनियां में इत्र के लिए मशहूर है। इसलिए कन्नौज में आरोमा यूनिवर्सिटी की स्थापना होनी चाहिए।जिसमे इत्र से संबंधित फसलों पर शोध हो।जिससे कि इसका लाभ किसानों, व्यापारियों के अलावा यूपी और देश-विदेश के लोगों को भी मिल सके।

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